मुंबई, 13 अक्टूबर (भाषा) ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स को अपने अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला कारोबार को एक नई सूचीबद्ध इकाई में विभाजित करने की पुनर्गठन योजना के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायधिकरण (एनसीएलटी) की मंजूरी मिल गई है।
कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि स्वीकृत योजना के तहत ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला कारोबार को एक नई सूचीबद्ध इकाई ‘ऑलकार्गो ग्लोबल लिमिटेड’ में विभाजित किया जाएगा।
पुनर्गठन के बाद ऑलकार्गो समूह के पास अंततः चार सूचीबद्ध रणनीतिक व्यावसायिक उपक्रम होंगे। ऑलकार्गो समूह का रणनीतिक पुनर्गठन पिछले चार वर्ष से जारी है।
समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) एवं ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के निदेशक (रणनीति) रवि जाखड़ ने कहा, ‘‘ यह पुनर्गठन हमारे प्रमुख व्यवसायों को रणनीतिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। साथ ही एक्सप्रेस एवं कॉन्ट्रैक्ट लॉजिस्टिक्स में ग्राहक एकीकरण और परिचालन संस्थाओं में प्रत्यक्ष शेयरधारिता के माध्यम से तालमेल स्थापित करता है…’’
अनुमोदित योजना के अनुसार, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के शेयरधारकों को अलग हुई ऑलकार्गो ग्लोबल में 1:1 में शेयर मिलेंगे, जबकि अस्तित्व में आने वाली ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड में उनके शेयर बने रहेंगे।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ से अनुमति के साथ कंपनी अब प्रमाणित प्रतियों के साथ कंपनी पंजीयक के पास स्वीकृत योजना दाखिल करेगी। लागू नियामकीय आवश्यकताओं के अनुसार रिकॉर्ड तिथियों के निर्धारण, शेयर आवंटन और बाद में अलग हुई इकाई के सूचीकरण सहित कार्यान्वयन के लिए कदम उठाएगी।
पुनर्गठन पूरा होने के बाद ऑलकार्गो समूह के पास अंततः चार सूचीबद्ध रणनीतिक व्यावसायिक उपक्रम होंगे।
ऑलकार्गो ग्लोबल के पास अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला कारोबार होगा और ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स (विभाजन के बाद) के पास घरेलू लॉजिस्टिक्स होगा। ऑलकार्गो टर्मिनल्स लिमिटेड और ट्रांसइंडिया रियल एस्टेट लिमिटेड, सीएफएस (कंटेनर फ्रेट स्टेशन) एवं आईसीडी (अंतर्देशीय कंटेनर डिपो) और रियल एस्टेट में काम जारी रखेंगी।
भाषा निहारिका अजय
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