नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को 25 साल से भी पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए एक कंपनी के लॉटरी टिकटों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही और अन्य सामग्री पर व्यापार कर लगाने को सही ठहराया।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि लॉटरी टिकटों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही और प्रसंस्करण सामग्री उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, 1948 की धारा 3एफ के तहत कार्य अनुबंध को पूरा करने में हस्तांतरित माल का हिस्सा हैं।
गाजियाबाद स्थित प्रिंटिंग कंपनी मेसर्स एरिस्टो प्रिंटर्स प्राइवेट लि. ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के एक फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिस पर यह फैसला आया। उच्च न्यायालय ने राजस्व विभाग की पुनरीक्षण याचिकाओं को स्वीकार कर लिया था और कर की मांग को बहाल कर दिया गया था।
कंपनी ने अपने ग्राहकों द्वारा दिए गए कागज का उपयोग करके लॉटरी टिकटों की छपाई की और इसके लिए स्याही, प्रसंस्करण रसायन और अन्य सामग्री खुद खरीदी।
व्यापार कर अधिकारी, गाजियाबाद ने 28 अक्टूबर, 1999 के कर निर्धारण आदेशों में कंपनी के कर निर्धारण वर्ष 1996-97 और 1997-98 के दौरान उपयोग की गई स्याही, रसायनों और पैकिंग सामग्री के मूल्य पर व्यापार कर लगाया था।
यह कर उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम की धारा 3एफ के तहत लगाया गया था, जो किसी कार्य अनुबंध के निष्पादन में शामिल वस्तुओं के हस्तांतरण पर कर लगाता है।
अपील दायर होने के बाद, उपायुक्त (अपील) ने स्याही और रसायनों पर कर हटा दिया, यह मानते हुए कि ये सामग्री ग्राहकों को हस्तांतरित नहीं की गई थी, बल्कि केवल मुद्रण प्रक्रिया में उपयोग की गई थी। हालांकि, पैकिंग सामग्री पर कर को बरकरार रखा गया।
दोनों पक्षों ने व्यापार कर न्यायाधिकरण, गाजियाबाद में अपील की, जिसने 2002 में करदाता के पक्ष में फैसला सुनाया, पैकिंग सामग्री पर भी कर हटा दिया और राजस्व विभाग की अपील को खारिज कर दिया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बाद में 2010 में न्यायाधिकरण के आदेश को पलट दिया और कहा कि स्याही और रसायनों से बनी यह स्याही वास्तव में मुद्रित टिकटों के हिस्से के रूप में ग्राहकों को हस्तांतरित की गई थी।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि कानून के तहत कर लगाने के लिए तीन शर्तें पूरी होनी चाहिए, जिनमें एक कार्य अनुबंध होना, अनुबंध के निष्पादन में माल का इस्तेमाल होना और ग्राहक को वस्तु या किसी अन्य रूप में इन वस्तुओं से बने उत्पाद का हस्तांतरण शामिल है।
भाषा पाण्डेय रमण
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