मुंबई, सात अक्टूबर (भाषा) सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-आईएन के प्रमुख संजय बहल ने मंगलवार को चेतावनी दी कि कृत्रिम मेधा (एआई) साइबर धोखाधड़ी को और अधिक लक्षित बना रहा है तथा नई तकनीकों के आने से साइबर हमलों की संख्या बढ़ती रहेगी।
सीईआरटी-आईएन (केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया दल) के महानिदेशक बहल ने यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ 2025 के एक सत्र में कहा, ”दुर्भावनापूर्ण तत्व सबसे पहले तकनीक का इस्तेमाल शुरू करते हैं। अगर आप साइबर धोखाधड़ी हमलों को देखें, तो उनमें एआई का खूब इस्तेमाल हो रहा है।”
उन्होंने कहा, ”पहले, आप समझ सकते थे कि यह एक धोखाधड़ी वाला ईमेल है। जो लोग सतर्क थे और उन्हें कुछ अंदाजा था कि धोखाधड़ी कैसे होती है। लेकिन आज, वे भी मूर्ख बन रहे हैं क्योंकि एआई इसे (हमले को) इतना सटीक बना रहा है कि आप यह पता नहीं लगा सकते कि यह एक धोखाधड़ी वाला ईमेल है या नहीं।”
बहल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गलत सूचना, भ्रामक जानकारी, वेबसाइट को नुकसान पहुंचाने के जरिए हमले किए गए और ऐसे सभी प्रयासों को विफल कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई नुकसान नहीं हुआ और यह वर्षों की तैयारी और क्षमता निर्माण के कारण संभव हुआ।
भाषा पाण्डेय रमण
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