(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 25 सितंबर (भाषा) सिंगापुर की सीट्रियम ऑफशोर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (एसओटी) ने एशिया भर में तटीय क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत की सबसे बड़ी जहाज निर्माता और जहाज मरम्मत कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू के तहत दोनों कंपनियां अपनी पूरक शक्तियों – एसओटी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, विशेष उपकरण और तटीय समाधान एवं सीएसएल के व्यापक बुनियादी ढांचे, निर्माण सुविधाओं और जहाज मरम्मत विशेषज्ञता को व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए इस्तेमाल करेंगी।
एसओटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह साझेदारी एशिया में ग्राहकों के लिए रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) परियोजनाओं पर केंद्रित होगी।
एसओटी ने कहा कि एमओयू पर डिजिटल तरीके से हस्ताक्षर किए गए, जो पूरे एशिया में तटीय इंजीनियरिंग में एक महत्वपूर्ण सहयोग को दर्शाता है। दोनों कंपनियां इस क्षेत्र के अन्य प्रमुख तटीय बाजारों में विस्तार के अवसरों का भी पता लगाएंगी।
एसओटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख विंस्टन चेंग ने कहा, ‘‘यह समझौता ज्ञापन, एशिया भर में अपनी वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने के सीट्रियम के प्रयासों में एक रणनीतिक मील का पत्थर है, जहां भारत को दीर्घकालिक विकास के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में स्वीकारा गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा साझा लक्ष्य भारत के ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन करना, उसकी समुद्री क्षमताओं को बढ़ाना और सतत तटीय विकास को आगे बढ़ाने में सीट्रियम को एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करना है।’’
सीएसएल के जहाज मरम्मत महाप्रबंधक, शिवकुमार ए. ने कहा, ‘‘यह समझौता ज्ञापन, सीएसएल के तटीय उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीट्रियम के साथ सहयोग को मजबूत करने का हमारा निर्णय उनकी वैश्विक विशेषज्ञता में हमारे विश्वास को दर्शाता है, जिससे हम संयुक्त रूप से क्षेत्र भर के ग्राहकों को उच्च-गुणवत्ता, लागत-प्रभावी समाधान प्रदान करने में सक्षम होंगे।’’
यह समझौता ज्ञापन संयुक्त विपणन, परियोजना निष्पादन और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक रूपरेखा निर्धारित करता है, जो क्षेत्रीय ऊर्जा संक्रमण और तटीय विकास का समर्थन करने के लिए सीएसएल के साथ दीर्घकालिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करता है।
भाषा सुरभि गोला
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