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Monday, 16 March, 2026
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भारत और ब्राज़ील ने कृषि प्रौद्योगिकी में नवोन्मेषण के लिए हाथ मिलाया

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नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) भारत और ब्राज़ील कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

सोमवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने यहां एग्रीटेक में ब्राज़ील-भारत क्रॉस-इन्क्यूबेशन कार्यक्रम (मैत्री 2.0) का दूसरा संस्करण शुरू किया है।

इस कार्यक्रम में डीएआरई सचिव और आईसीएआर महानिदेशक एम एल जाट, भारत में ब्राज़ील के राजदूत केनेथ नोब्रेगा, और ब्राज़ील के प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आईसीएआर महानिदेशक ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय और ब्राज़ीलियाई नवप्रवर्तकों के बीच सह-निर्माण के लिए एक दोतरफ़ा शिक्षण मंच है।

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों देशों के नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप और संस्थानों को एक साथ लाकर, यह कार्यक्रम टिकाऊ खाद्य प्रणालियां बनाने और किसानों को सशक्त बनाने में मदद करेगा। मैत्री 2.0 का उद्देश्य इनक्यूबेटर संबंधों को मज़बूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना, सह-इनक्यूबेशन को बढ़ावा देना और सतत कृषि, डिजिटल तकनीकों और मूल्य-श्रृंखला विकास में नए अवसर खोलना है।’’

अपने संबोधन में, जाट ने भारत और ब्राज़ील के बीच 77 साल पुरानी साझेदारी पर प्रकाश डाला और ब्रिक्स और जी20 जैसे वैश्विक मंचों में उनकी साझा भूमिका पर ज़ोर दिया, और हाल ही में हुए आईसीएआर-एम्ब्रापा समझौते को कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में सहयोग के लिए एक मील का पत्थर बताया।

उन्होंने आईसीएआर के वर्ष 1996 में 74 पेटेंट से बढ़कर सालाना 1,800 से अधिक पेटेंट तक पहुंचने का ज़िक्र किया, जिसे इनक्यूबेशन केंद्रों और 5,000 से अधिक लाइसेंसिंग समझौतों का समर्थन प्राप्त है।

नोब्रेगा ने भारत और ब्राज़ील के कृषि प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच तालमेल बनाने के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम व्यापक ब्राजील-भारत रणनीतिक साझेदारी को प्रतिबिंबित करता है, जो कृषि, उभरती प्रौद्योगिकियों और खाद्य-पोषण सुरक्षा में सहयोग के लिए नेताओं के साझा दृष्टिकोण के अनुरूप है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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