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Monday, 16 March, 2026
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हिमाचल के मत्स्यपालन विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2025 मिला

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शिमला, 22 सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मत्स्यपालन विभाग को कैप्टिव प्रजनन कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर रूप से लुप्तप्राय गोल्डन महाशीर के संरक्षण में अनुकरणीय और अग्रणी प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह पुरस्कार 20 सितंबर, 2025 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नयी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार विभाग की ओर से हिमाचल प्रदेश के मत्स्य पालन निदेशक-सह-वार्डन विवेक चंदेल और सहायक निदेशक (मत्स्य पालन) सोम नाथ ने प्राप्त किया।

पुरस्कार के लिए विभाग को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्कॉच गोल्ड अवार्ड जैव विविधता संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता और अभिनव दृष्टिकोण का प्रमाण है।

उन्होंने आगे कहा कि स्कॉच समूह प्रभावशाली प्रशासनिक परियोजनाओं को मान्यता देने के लिए जाना जाता है और यह राष्ट्रीय मान्यता एकीकृत संरक्षण रणनीति की दक्षता को और पुष्ट करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पुरस्कार गोल्डन महाशीर के संरक्षण के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल को रेखांकित करता है, जो मीठे पानी की एक मछली प्रजाति है और राज्य की जलीय जैव विविधता का प्रतीक है। यह हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की राज्य मछली भी है।’’

पिछले दशकों में, हिमाचल प्रदेश में गोल्डन महाशीर की आबादी में जलविद्युत परियोजनाओं, अत्यधिक मछली पकड़ने और मानवीय गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण के कारण आवास क्षरण के खतरों के कारण चिंताजनक रूप से गिरावट आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए, मत्स्यपालन विभाग ने वैज्ञानिक रूप से समर्थित एक प्रमुख बंदी प्रजनन कार्यक्रम शुरू किया है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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