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Wednesday, 25 March, 2026
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सरकार भारत को जहाज निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धः शांतनु ठाकुर

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मुंबई, 10 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने बुधवार को कहा कि सरकार भारत को जहाज निर्माण का नया वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह देश की ‘नीली अर्थव्यवस्था’ का अहम वृद्धि इंजन साबित होगा और रोजगार सृजन के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूत करेगा।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री ठाकुर ने यहां शुरू हुए तीन-दिवसीय ‘आईएनएमईएक्स एसएमएम इंडिया’ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यह बात कही। इस आयोजन में 80 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता और नौ हजार से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

ठाकुर ने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक शीर्ष 10 समुद्री देशों और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में शामिल होना है।

उन्होंने कहा कि जहाज निर्माण और मरम्मत क्षेत्र रोजगार के साथ हरित जहाजरानी पहलों और आधुनिक बुनियादी ढांचे से टिकाऊ वृद्धि को भी गति देगा।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कहा कि वैश्विक जहाज निर्माण का 95 प्रतिशत हिस्सा एशिया में केंद्रित है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी अभी एक प्रतिशत से भी कम है।

राणे ने महाराष्ट्र की ‘जहाज निर्माण, मरम्मत एवं पुनर्चक्रण नीति 2025’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य 2047 तक छह शिपयार्ड संकुल और 11 स्वतंत्र शिपयार्डों के जरिये 1.4 लाख रोजगार और 18,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना है।

पोत परिवहन महानिदेशक श्याम जगन्नाथन ने कहा कि वर्तमान में समुद्री क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद में चार प्रतिशत योगदान है जिसे 2047 तक 12 प्रतिशत करने और वैश्विक रैंकिंग में 16वें से पांचवें स्थान पर लाने का लक्ष्य है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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