मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू करने की योजना पर मसौदा नोटिस जारी करने के बाद कमजोर घरेलू बाजारों के चलते मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे टूटकर 87.68 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि 27 अगस्त से प्रभावी होने वाले भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क को लेकर चिंताओं के कारण रुपये की गति धीमी पड़ गई, जिसके बाद आयातकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग बढ़ी।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 87.74 पर खुला, और फिर दिन में कारोबार के दौरान इसने 87.63 के ऊपरी और 87.80 के निचले स्तर को छुआ।
कारोबार के अंत में रुपया 87.68 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद के मुकाबले 12 पैसे की गिरावट है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले चार पैसे की गिरावट के साथ 87.56 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा और कमोडिटी) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क (25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क सहित) 27 अगस्त से लागू होंगे और अगर शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं होती है तो रूस और उसके व्यापारिक साझेदारों पर और अधिक शुल्क लगाए जाएंगे, जिससे कमजोर घरेलू बाजारों के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया टूट गया।’’
अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लागू करने की योजना का विवरण देते हुए एक मसौदा नोटिस जारी किया है।
अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क 27 अगस्त से लागू होगा, जिससे झींगा मछली, परिधान, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे कई श्रम-प्रधान निर्यात क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
उच्च अतिरिक्त आयात शुल्क से अमेरिका को होने वाले 86 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात के आधे से ज्यादा हिस्से पर असर पड़ेगा, जबकि दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों सहित शेष वस्तुओं को इस शुल्क से छूट मिलती रहेगी।
हालांकि, पिछले चार सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद आई नरमी ने रुपये की गिरावट को कुछ कम किया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 67.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इस बीच, मंगलवार तड़के ट्रम्प द्वारा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को बर्खास्त करने के बाद अमेरिकी डॉलर में गिरावट दर्ज की गई।
विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत गिरकर 98.37 रह गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 2,466.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
पाण्डेय
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