पटना, 26 अगस्त (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि ‘‘इस बात के पर्याप्त संकेत हैं’’ कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव बिहार में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’) की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में राजद नेता द्वारा स्पष्ट रूप से राहुल गांधी को ‘‘अगला प्रधानमंत्री’’ उम्मीदवार बनाने की वकालत किए जाने के बावजूद, गांधी की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने में उदासीन रवैये को लेकर किए गए सवाल के जवाब में भट्टाचार्य ने यह टिप्पणी की।
भाकपा (माले) लिबरेशन नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘समझदार लोग इशारों को समझ सकते हैं। अभी कल आपने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को अगल-बगल मोटरसाइकिल चलाते देखा। भले ही ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन समय-समय पर कई संकेत मिलते रहे हैं।’’
रविवार को अररिया जिले में एक संवाददाता सम्मेलन में गांधी ने इस सवाल को टाल दिया था कि क्या बिहार के विधानसभा चुनावों में यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने पर सहमति बन गई है?
इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रविशंकर प्रसाद जैसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया था कि राजद और कांग्रेस के बीच विश्वास की कमी है, जो चुनावों में ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित होगी।
भट्टाचार्य ने दावा किया, ‘‘इंडिया गठबंधन में इस बात को लेकर पूरी स्पष्टता है कि अगर वह सत्ता में आता है तो मुख्यमंत्री कौन होगा। दूसरी ओर, राजग में भी यह साफ है कि फिलहाल (मुख्यमंत्री) नीतीश कुमार को पेश किया जा रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे कोई और खेल चल रहा है।’’
विधानसभा की 243 सीट में से कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के पास 50 से भी कम सीट हैं। सीट की संख्या के हिसाब से बेहतर भाजपा को अभी तक राज्य में अपना मुख्यमंत्री चेहरा नहीं मिला है।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक भट्टाचार्य ने मांग की कि निर्वाचन आयोग मसौदा सूची में गलत तरीके से नाम हटाए जाने के संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज करने की ‘‘31 अगस्त की समयसीमा बढ़ाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं उनमें से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर हैं। उन्हें और समय मिलना चाहिए। इसके अलावा निर्वाचन आयोग हमारे द्वारा नामित 1,000 से अधिक बूथ-स्तरीय एजेंटों को मंजूरी देने में आनाकानी कर रहा है उसे जल्द कदम उठाना चाहिए।’’
भट्टाचार्य ने सवाल किया, ‘‘काफी समय तक निर्वाचन आयोग यह कहता रहा कि उसे राजनीतिक पार्टियों से कोई दावा नहीं मिला। आज उसने माना है कि 10 आपत्तियां मिली हैं, ये सभी भाकपा (माले) लिबरेशन की हैं। हम अपना काम जारी रखेंगे, लेकिन सवाल है कि भाजपा का प्रतिष्ठित तंत्र क्या कर रहा है? क्या उस पार्टी को उन सभी लोगों के लिए कोई सहानुभूति नहीं है जिनके नाम हटा दिए गए हैं?’’
इस बीच, संबंधित घटनाक्रम में तेजस्वी यादव ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने राजद के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे उन लोगों की मदद करें ‘‘जिनके नाम निर्वाचन आयोग ने बेवजह हटाए हैं या जो पहली बार मतदाता के रूप में नामांकन कराना चाहते हैं।’’
यादव ने कहा, ‘‘यात्रा समाप्त होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को… पूरी तरह से इस कार्य में जुट जाना चाहिए… काम के लिए बहुत समय होगा।’’
भाषा खारी मनीषा
मनीषा
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