नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि राजमार्ग निर्माण, खनन और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान गडकरी ने कहा कि नवोन्मेषण, प्रौद्योगिकी और एआई भारत की ताकत होंगे।
उन्होंने कहा, ‘भारत में परामर्श कंपनियां द्वारा तैयार की जाने वाली डीपीआर की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। एआई का उपयोग हर क्षेत्र में किया जा सकता है, जिसमें राजमार्ग निर्माण, खनन और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए डीपीआर तैयार करना भी शामिल है।’’
डीपीआर में सर्वेक्षण, जांच और डिज़ाइन शामिल होते हैं, जो परियोजना के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक होते हैं।
हाल ही में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा था कि सरकार उन परामर्श कंपनियों को दंडित करेगी जो राजमार्गों और सुरंगों के लिए डीपीआर तैयार करते समय सही प्रक्रिया का पालन नहीं करतीं।
उन्होंने यह भी कहा कि एआई का उपयोग गुणात्मक सुधार लाने वाला है, लेकिन इसका दुरुपयोग भी हो सकता है।
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है।
भाषा योगेश अजय
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