बीजिंग, 24 जुलाई (भाषा) प्रसिद्ध चीनी बौद्ध चित्रकार यू यू ने कहा है कि भारत और चीन को अपनी गहरी सभ्यतागत मित्रता को फिर से मजबूत बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2015 में चीन यात्रा के दौरान यू यू की अनूठी कलाकृति भेंट की गई थी।
प्राचीन सिल्क रोड के पर्याय माने जाने वाले चीन के शियान शहर में नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी के निदेशक, मुख्य कलाकार और क्यूरेटर यू यू चीन-भारत संबंधों को एक ऐसे वृक्ष की तरह देखते हैं, जिसे पानी देकर निरंतर पोषित करते रहने की आवश्यकता है।
यहां सड़क किनारे स्थित एक रेस्तरां में ‘पीटीआई-भाषा’ से अनौपचारिक बातचीत में यू यू ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को उनके सभ्यतागत मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक पोषित करने की आवश्यकता है।
मोदी से कभी नहीं मिले यू यू कहते हैं कि उनके मन में भारतीय नेता के प्रति सम्मान पैदा हुआ है, विशेष रूप से अपनी मां के प्रति उनके समर्पण के कारण।
उन्होंने कहा, ‘जब मैंने मोदी को उनकी मां के पैर धोते देखा, तो मैं सचमुच भावुक हो गया। यह भाव उनके चरित्र और मूल्यों के बारे में बहुत कुछ बताता है। इसने मुझे हमारी अपनी सांस्कृतिक जड़ों की याद दिला दी।’
यू यू (72) ने कहा कि एक देश का शासनाध्यक्ष होने के बावजूद मोदी ने अपनी मां के पैर धोए, जिससे पता चलता है कि वह एक अच्छे इंसान हैं।
भाषा जोहेब पारुल
पारुल
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