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Monday, 27 April, 2026
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उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण-मुक्त रखने के लिए मजबूत तंत्र बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश

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(फाइल फोटो के साथ)

देहरादून, 27 जून (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अधिकारियों को गंगा समेत नदियों के किनारे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण-मुक्त रखने के लिए एक मजबूत तंत्र बनाया जाए।

यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को हटाये जाने की कार्ययोजना बनाये जाने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं और इसका पालन करने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सिंचाई, लोक निर्माण, वन, तथा राजस्व विभागों की एक टीम बनाकर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाये जाये।

धामी ने मैदानी क्षेत्रों में अतिक्रमण के मामलों को देखने के लिए शासन स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, इसके लिए एक मजबूत तंत्र बनाया जाए ।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गंगा, रुद्रपुर में कल्याणी और नैनीताल जिले में कोसी आदि नदियों के किनारों पर भी अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाए जाने के मामलों पर भी प्रभावी रोक लगाने के उपाय किए जाएं ।

मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए पी अंशुमान से बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए नियम और कड़े किए जाने की अपेक्षा जताई।

पिछले काफी समय से राज्य में अतिक्रमण के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है और मुख्यमंत्री बार-बार कहते रहे हैं कि अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।

भाषा दीप्ति

राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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