नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर अस्पतालों के अंग प्रत्यारोपण से जुड़े आंकड़े साझा नहीं करने और उन्हें राष्ट्रीय प्रत्यारोपण रजिस्ट्री में दर्ज नहीं करने पर गंभीर चिंता जताई है।
मंत्रालय ने राज्य सरकारों को लिखे पत्र में कहा है कि कई अस्पताल अंग प्रत्यारोपण से जुड़े दैनिक और मासिक आंकड़े साझा करने में लगातार विफल रहे हैं, जिससे पारदर्शिता के साथ ही समान अंग आवंटन की सुविधा बाधित हो रही है।
राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) को मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (थोटा), 1994 की धारा 13डी के तहत प्रत्यारोपण से जुड़े सभी आंकड़ों को एकत्रित करने और पंजीकृत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एनओटीटीओ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करता है।
पत्र में कहा गया है कि यह पंजीकरण अंग और ऊतक प्रत्यारोपण की निगरानी के लिए आवश्यक है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके, समान अंग आवंटन में सुविधा हो और नीति-निर्माण में सहायता मिले।
इसमें कहा गया है, “यह गंभीर चिंता का विषय है कि कई पंजीकृत प्रत्यारोपण अस्पताल अंग प्रत्यारोपण गतिविधियों पर दैनिक और मासिक आंकड़े साझा करने में लगातार विफल रहे हैं। इस तरह का गैर-अनुपालन एनओटीटीओ की अपने दायित्वों को पूरा करने की क्षमता को प्रभावित करता है और देशभर में अंग दान की दर बढ़ाने के उद्देश्य को विफल करता है।”
भाषा
योगेश पारुल
पारुल
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