scorecardresearch
Monday, 27 April, 2026
होमदेशअर्थजगतझारखंड को 26,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से आधे इस्पात क्षेत्र से मिले

झारखंड को 26,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से आधे इस्पात क्षेत्र से मिले

Text Size:

रांची, छह फरवरी (भाषा) कोलकाता में बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन (बीजीबीएस) के दौरान झारखंड सरकार को मिले 26,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से करीब 50 प्रतिशत इस्पात क्षेत्र से संबंधित हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी एवं विधायक कल्पना के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निमंत्रण पर बीजीबीएस के आठवें संस्करण में शामिल हुए।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘ झारखंड सरकार को बीजीबीएस के तहत आयोजित ‘एडवांटेज झारखंड’ कार्यक्रम के दौरान 26,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले जिनसे 15,000 नौकरियां सृजित होने की संभावना है। इनमें से करीब आधे प्रस्ताव इस्पात क्षेत्र से संबंधित हैं।’’

उन्होंने बताया कि इनमें सुप्रीम मेटल्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और वोल्टोक्स रेल प्राइवेट लिमिटेड जैसे समूहों के विभिन्न प्रस्ताव शामिल है। इन्होंने राज्य में 3,000 करोड़ रुपये और 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में रुचि दिखाई है।

अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम मेटल्स एंड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने इस्पात संयंत्र स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की है, जबकि वोल्टोक्स ने राज्य में विशेष इस्पात विनिर्माण में रुचि दिखाई है।

उन्होंने कहा कि यदि ये दोनों परियोजनाएं वास्तविक रूप लेती हैं, तो इससे 3,500 नौकरियों का सृजन होगा।

इसके अलावा, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 1,100 करोड़ रुपये की लागत से कोल्ड रोलिंग मिल प्लांट स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की जिससे 1,500 नौकरियां उत्पन्न होंगी। रश्मि मेटालिक्स लिमिटेड ने 3,800 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है, जिससे 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड 2,800 करोड़ रुपये की लागत से बिजली उत्पादन परियोजना स्थापित करने की योजना बना रही है, जिससे 1,600 नौकरियां उत्पन्न होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बनर्जी को ‘भव्य तरीके से’ बीजीबीएस का आयोजन करने के लिए बधाई दी थी और उन्हें ‘आमंत्रित करने’ के लिए शुक्रिया अदा किया था।

सोरेन ने साथ ही कहा, ‘‘ बंगाल और झारखंड का साझा इतिहास, विरासत तथा परंपराएं हैं। दोनों राज्यों में इतनी समानताएं हैं कि यह समझना मुश्किल हो जाता है कि झारखंड और बंगाल में क्या अंतर है। एमएसएमई, पर्यटन, खनन, सोलर, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में झारखंड में काफी संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में झारखंड, पूर्वी भारत में आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए आदरणीय ममता दीदी के साथ मिलकर आगे बढ़ने का हर संभव प्रयास करेगा।’’

भाषा

निहारिका रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments