नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) वित्त मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की दूसरी और अंतिम अनुपूरक मांगों के लिए व्यय प्रस्ताव मांगे हैं। इसे मौजूदा बजट सत्र में पेश किया जाएगा।
कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, मंत्रालयों को 12 फरवरी तक अपने पूरक प्रस्ताव जमा करने होंगे। इसके तहत वैसे मामले भी शामिल होंगे जहां आकस्मिक निधि से अग्रिम राशि दी गई है।
इसके अलावा अदालती आदेश के तहत भुगतान के साथ-साथ ऐसे मामले भी शामिल होंगे, जहां वित्त मंत्रालय ने विशेष रूप से चालू बजट सत्र में अनुपूरक मांग का प्रस्ताव पेश करने की सलाह दी है।
तीन फरवरी के ज्ञापन में कहा गया है कि अनुदान की अनुपूरक मांगों के प्रस्ताव को धन की अतिरिक्त आवश्यकता के मूल्यांकन के बाद 2024-25 की संशोधित अनुमान सीमा के भीतर पेश किया जा सकता है।
इसमें कहा गया, ‘‘अनुपूरक अनुदान के प्रस्तावों पर अनुदान नियंत्रण प्राधिकारी को हमेशा बचत की पहचान करनी चाहिए ताकि निरर्थक पूरक मांगों को हटाया जा सके और पूरक अनुदान प्राप्त करने के बाद वापस करने की स्थिति से बचा जा सके।’’
भाषा रमण अजय
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