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Sunday, 8 February, 2026
होमविदेशइंस्टाग्राम पर “किशोर खातों” का विकल्प स्वागत योग्य, लेकिन ‘मन की शांति’ के लिए बहुत कुछ करना बाकी

इंस्टाग्राम पर “किशोर खातों” का विकल्प स्वागत योग्य, लेकिन ‘मन की शांति’ के लिए बहुत कुछ करना बाकी

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(टेमा लीवर, कर्टिन विश्वविद्यालय)

पर्थ, 19 सितंबर (द कन्वरसेशन) ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगाए को लेकर जारी बहस के बीच ‘मेटा’ ने ‘इंस्टाग्राम’ पर किशोरों के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है।

इसके तहत मेटा ने ‘इंस्टाग्राम’ पर नए ‘किशोर खातों’ का एक विकल्प दिया है। इन निजी खातों में विषयवस्तु और संदेशों को लेकर अधिकतम पाबंदियां होंगी, रात में ‘नोटिफिकेशन’ रोकने का विकल्प होगा और किशोरों के लिए अपनी पसंद की सामग्री देखने के लिए नए तरीके शामिल होंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए इन खातों की निर्धारित सेटिंग्स को बदलने के लिए अब माता-पिता की अनुमति की आवश्यकता होगी।

इस कदम को माता-पिता के ‘मन को शांति’ देने वाला बताया जा रहा है।

किशोर खातों में क्या अलग है?

किशोर खाते (टीन अकाउंट्स) नई सुविधाओं और कई टूल का एक संयोजन है, जो पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन उन्हें वह स्वीकृति नहीं मिली है जो मेटा को चाहिए थी।

इन परिवर्तनों को किशोर खातों के अंतर्गत लाने से ये परिवर्तन किशोरों और उनकी देखभाल करने वालों के लिए अधिक दृश्यमान हो जाएंगे।

इन खातों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

1. 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खाते निजी रहेंगे, लेकिन इनमें डिफॉल्ट सेटिंग होगी। 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे केवल माता-पिता की अनुमति से ही उस सेटिंग को बदल सकेंगे।

2. किशोर केवल उन्हीं लोगों से संदेश प्राप्त कर सकेंगे जिन्हें वे पहले से फॉलो कर रहे हैं या जिनसे वे जुड़े हुए हैं।

3. विषयवस्तु से संबंधित पाबंदियां लगाने और ‘कमेंट’ व ‘मैसेज’ में आपत्तिजनक शब्दों को ब्लॉक करने के लिए सेटिंग की जा सकेगी।

4. रात 10 बजे से सुबह 7 बजे के बीच इंस्टाग्राम पर नोटिफिकेशन आने बंद हो जाएंगे।

5. किशोरों को किसी भी दिन 60 मिनट तक इंस्टाग्राम का उपयोग करने के बाद उसे छोड़ने के बारे में याद दिलाया जाएगा।

इनमें से कुछ टूल दूसरों की तुलना में अधिक उपयोगी हैं। 60 मिनट के इस्तेमाल के बाद इंस्टाग्राम छोड़ने के लिए यह रिमाइंडर बहुत कम प्रभावी लगता है कि किशोर बस क्लिक करके मंच छोड़ सकते हैं।

लेकिन ‘डिफॉल्ट अकाउंट सेटिंग’ मायने रखती है। डिफॉल्ट सेटिंग के साथ निजी अकाउंट चलाने वाले किशोर इंस्टाग्राम पर उनके उपयोग के समय को महत्वपूर्ण रूप से तय कर सकेंगे।

सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों को माता-पिता या अभिभावक की सहमति के बिना इन सेटिंग्स को बदलने से रोकना सबसे बड़ा परिवर्तन है, और यह वास्तव में इंस्टाग्राम के किशोरों के अनुभव को वयस्कों के अनुभव से अलग बनाता है।

इनमें से ज़्यादातर बदलाव सुरक्षा और उम्र के हिसाब से उचित अनुभवों पर केंद्रित हैं। लेकिन मेटा के लिए यह एक सकारात्मक कदम है कि इसमें किशोरों के लिए नए तरीके भी शामिल किए गए हैं, ताकि वे अपनी पसंद के हिसाब से सामग्री देख सकें।

क्या माता-पिता और अभिभावकों को कुछ करना होगा?

टीन अकाउंट्स को बढ़ावा देते हुए, इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने जोर देकर कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य माता-पिता को ‘मन की शांति’ प्रदान करना है। इन बदलावों के लिए माता-पिता के स्पष्ट हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

मोसेरी ने कहा, ‘मैं एक पिता हूं और यह इंस्टाग्राम में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और मुझे इस पर व्यक्तिगत रूप से बहुत गर्व है।’

यदि माता-पिता या परिवार के सदस्य यह जानना चाहते हैं कि किशोर ‘इंस्टाग्राम’ पर क्या कर रहे हैं तो उन्हें ‘निगरानी’ के लिए अपने स्वयं के खातों का उपयोग करना होगा। इनमें व्यक्तिगत समय सीमा निर्धारित करना, किशोर की गतिविधि का अवलोकन करना, या किसी भी डिफॉल्ट सेटिंग को बदलने की अनुमति देना शामिल है।

यहां माता-पिता के लिए वास्तविक अवसर यह है कि वे इन परिवर्तनों पर अपने बच्चों के साथ चर्चा करके उन्हें ये बताएं कि वे इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया मंचों का किस तरह उपयोग कर सकते हैं।

हालांकि मेटा के इन कदमों को इस दिशा में महज एक शुरुआत कहा जा सकता है। इस दिशा में अभी और महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने बाकी हैं।

इस बीच, अगर इन परिवर्तनों से माता-पिता और परिवार के सदस्यों के लिए किशोरों से उनके ऑनलाइन अनुभवों के बारे में बात करने के रास्ते खुलते हैं, तो यह एक जीत होगी।

(द कन्वरसेशन) जोहेब वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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