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Sunday, 12 April, 2026
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रसोई गैस के फर्जी ग्राहकों की पहचान के लिए ई-केवाईसी सत्यापनः पुरी

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(फाइल तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां फर्जी उपभोक्ताओं को हटाने के लिए रसोई गैस ग्राहकों का आधार के जरिये ई-केवाईसी सत्यापन कर रही हैं।

आधार की मदद से ई-केवाईसी (ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन) की प्रक्रिया उन फर्जी ग्राहकों को अलग करने के लिए की जाती है जिनके नाम पर बुक कराई गई रसोई गैस का इस्तेमाल वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है।

परिवारों को 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 803 रुपये (लगभग 56.5 रुपये प्रति किलोग्राम) की दर से खरीदना पड़ता है जबकि होटल एवं रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को 19 किलोग्राम का वाणिज्यिक सिलेंडर 1,646 रुपये (86.3 रुपये प्रति किलोग्राम) में मिलता है।

पुरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘पेट्रोलियम विपणन कंपनियां एलपीजी ग्राहकों के लिए आधार के माध्यम से ईकेवाईसी सत्यापन कर रही हैं, ताकि उन फर्जी ग्राहकों को हटाया जा सके, जिनके नाम पर कुछ गैस वितरक अक्सर वाणिज्यिक सिलेंडर बुक करते हैं। यह प्रक्रिया आठ महीने से अधिक समय से लागू है।’’

उनका यह पोस्ट केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन के जवाब में आया है, जिन्होंने इस निर्णय के चलते आम आदमी को ‘अप्रत्याशित मुश्किल’ पेश आने की बात कही थी। सतीशन ने पुरी को लिखे एक पत्र में यह मामला उठाया था।

उन्होंने पत्र में लिखा था, ‘‘पता चला है कि केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की वैधता सुनिश्चित करने के लिए गैस कनेक्शन का सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, वैध ग्राहकों की पहचान के लिए सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन संबंधित गैस एजेंसियों पर इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्णय से आम एलपीजी धारकों को असुविधा हुई है।’’

इसके जवाब में पुरी ने कहा कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति करने वाला कर्मचारी ग्राहक की पहचान से संबंधित विवरण को सत्यापित करते हैं। कर्मचारी अपने मोबाइल फोन पर ऐप के माध्यम से ग्राहक के आधार की पुष्टि करते हैं। हालांकि, ग्राहक अपनी सुविधानुसार वितरक शोरूम से भी संपर्क कर सकते हैं।’’

इसके अलावा ग्राहक गैस वितरक कंपनी के ऐप के जरिये भी अपना ईकेवाईसी पूरा कर सकते हैं।

मंत्रालय के पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 32.64 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ता हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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