scorecardresearch
Tuesday, 14 April, 2026
होमदेशबचपन में दुर्व्यवहार झेलने वाले बच्चे मोटापे, सूजन और आघात के प्रति अधिक संवेदनशील : अध्ययन

बचपन में दुर्व्यवहार झेलने वाले बच्चे मोटापे, सूजन और आघात के प्रति अधिक संवेदनशील : अध्ययन

Text Size:

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) बचपन में दुर्व्यवहार या उपेक्षा के शिकार बच्चे जीवनभर खराब स्वास्थ्य का दंश झेलते हैं, क्योंकि दुर्व्यवहार और उपेक्षाओं की वजह से वे मोटापे, सूजन और आघात के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यह जानकारी एक नये शोध से प्राप्त हुई है।

शोध में पाया गया है कि अपमानजनक व्यवहार या भावनात्मक एवं शारीरिक उपेक्षा का अनुभव करने से बच्चों में मोटापे की संभावना बढ़ जाती है और वयस्क वय में वे आघात के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। शोध के अनुसार, दोनों स्थितियां सूजन जैसी प्रतिरक्षा प्रणाली में बाधा पहुंचाती हैं।

वयस्कों के मस्तिष्क स्कैन का अध्ययन करके, शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि मस्तिष्क की संरचना में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जैसे मोटाई में बढ़ोतरी हुई और आयतन में कमी। ये मोटापा, सूजन और बचपन में दुर्व्यवहार के कारण बार-बार आघात से जुड़ा हुआ है।

ब्रिटेन स्थित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा है कि इन संरचनात्मक परिवर्तनों से मस्तिष्क की कोशिकाओं को होने वाली क्षति का पता चलता है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि यह ज्ञात है कि दुर्व्यवहार का सामना करने वाले बच्चों में मानसिक बीमारी विकसित होने की अधिक संभावना होती है, लेकिन यह अभी तक अच्छी तरह से समझ में नहीं आया है कि पहली बार दुर्व्यवहार होने के कई दशकों बाद भी यह जोखिम क्यों बना रहता है।

टीम ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष हमारी समझ को आगे बढ़ाते हैं कि बचपन की प्रतिकूल घटनाएं जीवन भर मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम को कैसे बढ़ा सकती हैं।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के लेखक एडवर्ड बुलमोर ने कहा, ‘‘इससे हमें उन लोगों पर जल्दी ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।’’

अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 40-70 वर्ष की आयु के 21,000 से अधिक वयस्कों के चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) के जरिये मस्तिष्क की जांच की। उन्होंने ब्रिटेन के बायोबैंक के इस डेटा का उनके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), सी-रिएक्टिव प्रोटीन स्तर (जो सूजन के लक्षण प्रकट करते हैं) और बचपन के दुर्व्यवहार तथा वयस्क आघात के उनके अनुभवों के साथ विश्लेषण किया।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments