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Friday, 27 February, 2026
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कप्तान रोहित खिलाड़ियों के आंकड़ों की जगह ‘प्रभाव’ को दे रहे तरजीह

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… कुशान सरकार …

नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) भारतीय टीम ने मौजूदा विश्व कप में अब तब उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है और काफी श्रेय कप्तान रोहित शर्मा को जाता है जो टीम में मौजूद खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में कामयाब रहे है। रोहित की कप्तानी में सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह रहा है कि वह अंतिम एकादश में जगह बनाने में विफल रहे खिलाड़ियों को उनके चयन नहीं होने की वजह को समझाने में सफल रहे है। अपनी इस खूबी के कारण वह टीम के खिलाड़ियों से सम्मान भी हासिल करते है। रोहित के नेतृत्व के इस गुण की तारीफ 2017 में आईपीएल के फाइनल में भी हुई थी जब उन्होंने मुंबई इंडियंस की टीम में अनुभवी हरभजन सिंह की जगह युवा कर्ण शर्मा को तरजीह दी थी। वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के खिलाफ इस मैच से एक दिन पहले हरभजन को अपने फैसले की वजह समझा चुके थे। इससे भारत के सबसे सफल स्पिनरों में शुमार हरभजन ने फाइनल नहीं खेलने पर आहत या अपमानित महसूस नहीं किया। रोहित इस गुण को राष्ट्रीय टीम के लिए कप्तानी में भी लेकर आये है, जहां वह खिलाड़ियों का आकलन उनके आंकड़ों पर नहीं बल्कि में मैच पड़ने वाले प्रभाव को लेकर करते है। कप्तान और नेता के बीच का अंतर बहुत कम है और बहुत से लोग बीच में फंस जाते हैं। ऐसे कई उदाहरण है जहां सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का खेल भी कप्तानी का बोझ उठाने के बाद प्रभावित हुआ है। रोहित के साथ अब तक ऐसा नहीं दिखा है। पिछले कुछ समय से बल्लेबाजी में उन्होंने पहले की तरह बड़ी पारियां नहीं खेली है लेकिन टीम को तेज-तर्रार शुरुआत दिलाने में सफल रहे है। वह जिस आक्रमकता के साथ बल्लेबाजी कर रहे है उसमें आउट होने का जोखिम ज्यादा रहता है। रोहित को यह अच्छे से पता है कि टीम को शारदुल ठाकुर की जरूरत कब है और किन परिस्थितियां में रविचंद्रन अश्विन अंतिम एकादश में फिट होंगे। वह इस बात को अच्छे से समझते है कि टीम में सूर्यकुमार यादव की टीम में क्या भूमिका है और क्यों कुलदीप यादव को एकदिवसीय टीम से बाहर नहीं किया जा सकता। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने रोहित की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘ वह लगभग 35 गेंद में अर्धशतक बना रहे हैं। वह अगर शतक के बारे में सोचें तो अगली 60 गेंद में सतर्कता से बल्लेबाजी कर 50 रन बना सकते है लेकिन अपनी उपलब्धि की जगह टीम की सफलता के बारे में सोच रहे हैं। ’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीरआनन्द

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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