… फिलेम दीपक सिंह…
हांगझोउ, 30 सितंबर (भाषा) भारत की शीर्ष भारोत्तोलक मीराबाई चानू एशियाई खेलों में महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा के दौरान शनिवार को यहां जांघ की मांसपेशियों में चोट लगने के कारण पदक जीतने का अपना सपना पूरा नहीं करने पर निराश है। ओलंपिक रजत पदक विजेता ने कहा कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ‘वार्म अप’ करते समय उन्हें दर्द महसूस हुआ जिसके बाद उनके कोच ने प्रतियोगिता से हटने की सलाह दी। उन्होंने कोच की सलाह को नजरअंदाज कर अभ्यास जारी रखा क्योंकि वह देश के लिए पदक जीतना चाहती थीं। चानू ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘ जब मैं स्नैच चरण से पहले वॉर्मअप कर रही थी तो मुझे अपनी जांघ पर दर्द महसूस हुआ। दर्द कम करने के लिए बर्फ और स्प्रे का इस्तेमाल किया है। भारत में देखेंगे कि इसका इलाज कैसे होगा। मुझे भी अब दर्द हो रहा है।’’ चानू ने कुल 191 किग्रा (83 किग्रा +108 किग्रा) का वजन उठाया जिससे वह चौथे स्थान पर रहीं। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह दर्द जांघ की मांसपेशियों और दाहिनी ओर की हड्डियों में हो रहा है।’’ मणिपुर की इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ मैंने कड़ी ट्रेनिंग की थी लेकिन इस दर्द के कारण पदक नहीं जीत सकीं।। मैंने देश के लिए पदक जीतने की पूरी कोशिश की लेकिन यह नहीं हो सका। मुझे बुरा लग रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं 2018 एशियाई खेलों में भाग नहीं ले सकी थी। एशियाई खेलों में पदक जीतना मेरा सपना था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब मेरा लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्नैच वार्म अप के दौरान दर्द शुरू हो गया था। सर (विजय शर्मा) ने मुझसे पूछा कि क्या मैं प्रतियोगिता से हट सकती हूं क्योंकि इससे गंभीर चोट लग सकती है। लेकिन मैंने पदक की आस में खेलना जारी रखा।’’ चानू ने कहा, ‘‘ दर्द के बाद भी मैं कम से कम कांस्य पदक जीतने के लिए क्लीन एवं जर्क में 117 किग्रा का भार उठाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं रही।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता
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