… देवार्चित वर्मा…
मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) न्यूजीलैंड की टीम एकदिवसीय विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी खिताब जीतने में अब तक विफल रही है। टीम पिछले चार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। केन विलियमसन की अगुवाई में टीम 2019 में फाइनल में पहुंच कर खिताब के बेहद करीब पहुंच कर चैम्पियन बनने से चूक गयी। नियमित ओवरों के खेल के बराबरी पर छूटने के बाद सुपर ओवर में भी दोनों टीम का स्कोर बराबर रहा। इसके बाद अधिक बाउंड्री लगाने के अजीब नियम के कारण इंग्लैंड की टीम विजेता बनी। आंकड़े हालांकि इस बात की तस्दीक करते है कि भारत में न्यूजीलैंड को संघर्ष करना पड़ता है लेकिन विश्व कप में यह टीम हमेशा अपने खेल के स्तर को ऊंचा उठाती रही है। न्यूजीलैंड की टीम का विश्लेषण इस प्रकार है। मजबूती: विश्व कप में टीम हमेशा अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए जानी जाती है। टीम 2015 और 2019 में पिछले दो आयोजनों में फाइनल में पहुंचने में सफल रही थी। उसने 2021 में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के साथ आईसीसी के खिताबी सूखे को खत्म किया। टीम में युवा और अनुभव का शानदार मिश्रण है। डेवोन कॉनवे, डेरिल मिशेल और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ियों को विलियमसन, टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट का मार्गदर्शन मिलेगा। मिशेल सेंटनर और ईश सोढ़ी जैसे अनुभवी स्पिनर भारतीय परिस्थितियों में कारगर होंगे। तेज गेंदबाजी में बोल्ट और साउदी को लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी का साथ मिलेगा। कमजोरी: भारत में न्यूजीलैंड का एकदिवसीय रिकॉर्ड काफी निराशाजनक है। टीम ने 61 मैचों में केवल 18 जीत दर्ज की है। उसे 47 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि दो मैच बिना किसी परिणाम के समाप्त हुए हैं। विलियमसन इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के शुरुआती मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे क्योंकि वह घुटने की चोट से जूझ रहे हैं। उन्हें यह चौट आईपीएल 2023 के दौरान लगी थी। टूर्नामेंट में विलियमसन का प्रदर्शन काफी हद तक न्यूजीलैंड के भाग्य को तय कर सकता है। बत्तीस साल का यह खिलाड़ी भारतीय परिस्थितियों में टीम का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है। मौका: विलियमसन, बोल्ट और साउथी की तिकड़ी के लिए यह विश्व कप न्यूजीलैंड के लिए एक और आईसीसी ट्रॉफी जीतने का आखिरी मौका हो सकता है। कॉनवे ने इस साल चेन्नई सुपर किंग्स के साथ आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज भारत में सफेद गेंद प्रारूप में अपनी सफलता को और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक होगा। मिशेल बल्ले और गेंद दोनों से न्यूजीलैंड के लिए अहम खिलाड़ी रहे हैं। फिलिप्स, विल यंग और यहां तक कि रचिन रवींद्र भी अपना योगदान देना चाहेंगे। खतरा: भारत में खराब रिकॉर्ड के अलावा न्यूजीलैंड को इस साल मई में पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं पर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-1 से हराया था। न्यूजीलैंड ने हालांकि जनवरी में पाकिस्तान के खिलाफ 2-1 और हाल ही में बांग्लादेश को उसके घरेलू मैदान पर तीन मैचों की श्रृंखला को 2-0 से जीतकर विश्व कप की तैयारियों को पुख्ता किया है। भाषा आनन्द नमितानमिता
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