चेन्नई, दो अगस्त (भाषा) हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि राष्ट्रीय पुरुष टीम अगर 23 सितंबर से शुरु होने वाले आगामी हांगझोऊ खेलों से 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने में विफल रहती है तो क्वालीफायर खेलने के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगी।
नियमों के अनुसार एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को सीधे ओलंपिक में जगह मिलेगी लेकिन अन्य देशों को क्वालीफायर खेलने होंगे और इस बार इनके आयोजन के स्थल के तौर पर पाकिस्तान और स्पेन की पहचान की गयी है।
टिर्की ने बुधवार को यहां एशियाई चैम्पियंस ट्राफी की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘हम हांगझोउ में काम पूरा (ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना) करने की कोशिश करेंगे। लेकिन अगर किसी कारण से हम क्वालीफाई नहीं कर पाते तो क्वालीफायर के लिए कुछ स्थल (पाकिस्तान और स्पेन) निर्धारित किये गये हैं। इसलिये जहां भी ये आयोजित होंगे, हम निश्चित रूप से जायेंगे। ’’
पाकिस्तान जाने के लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत होती है और यह देखना होगा कि अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि राष्ट्रीय हॉकी टीम को क्वालीफायर खेलने के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने की जरूरत होगी तो केंद्र का रूख क्या रहता है।
जब पूछा गया कि खिलाड़ी चीन के लिये रवाना होने से पहले एशियाई चैम्पियंस ट्राफी खेलकर खुद पर चोटिल होने का जोखिम उठा रहे हैं तो टिर्की ने कहा कि कोई खिलाड़ी ट्रेनिंग या अभ्यास मैचों के दौरान भी चोटिल हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ध्यान देने वाली सबसे अहम चीज यह है कि हम प्रत्येक बड़े टूर्नामेंट से पहले अभ्यास मैच खेलते हैं। तो क्या तब चोटिल होने का डर नहीं लगा रहता? इसलिये मुझे लगता है कि हमें इस टूर्नामेंट को सकारात्मक तरीके से अभ्यास के तौर पर लेना चाहिए और यह भी प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट है। ’’
टिर्की ने कहा, ‘‘अभी एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए कुछ समय बचा है। चोटें अभ्यास मैच के दौरान भी लग सकती हैं। इसलिये मुझे नहीं लगता कि हमें इससे ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए और अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान लगाना चाहिए। ’’
चेन्नई में 16 साल में पहली बार प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता की वापसी होगी।
भाषा नमिता सुधीर
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