तिरुवनंतपुरम, 14 जुलाई (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर यहां अपने आवास पर ‘चंद्रयान-3’ अभियान के सफल प्रक्षेपण के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने और उन्होंने वैज्ञानिकों की पूरी टीम को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह मिशन सफल होगा।
चंद्रयान-3 के शुक्रवार दोपहर को अपनी यात्रा शुरू करने के तुरंत बाद नायर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि यात्रा का पहला भाग बहुत अच्छी तरह से शुरू हुआ है। इसरो की पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।’’
प्रक्षेपण के सीधे प्रसारण के दृश्यों का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआती उड़ान बहुत सहज थी और यह दूसरे चरण तक जारी रही।
इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा कि अब तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अभियान सही लक्ष्य की ओर है और उम्मीद है कि मिशन सफल होगा।
माधवन नायर ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता मानव को अंतरिक्ष में भेजने की भारत की योजना को बढ़ावा देगी।
मानव की अंतरिक्ष उड़ान के लिए ‘गगनयान’ अभियान के अच्छी तरह प्रगति करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार प्रगति कर रहे हैं। कई जटिल प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जाना है, जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन, भोजन का प्रावधान और यहां तक कि किसी भी अप्रिय घटना के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा भी शामिल है। हालांकि, हम इसमें प्रगति कर रहे हैं।’’
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भारत का तीसरा चंद्र अभियान ‘चंद्रयान-3’ तकनीकी रूप से चुनौतिपूर्ण चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास 23 अगस्त को करेगा।
सोमनाथ ने 600 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत वाले इस मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद संवाददाताओं से कहा कि चंद्रयान-3 को एक अगस्त से चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग 23 अगस्त को शाम पांच बजकर 47 मिनट पर किये जाने की योजना है।
भाषा
शफीक माधव
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