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Thursday, 23 April, 2026
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विभिन्न बैंकों में एक ही संपत्ति गिरवी रखने के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार

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नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में एक ही संपत्ति कथित रूप से गिरवी रखने के आरोप में पुलिस ने 36 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान अनुराग शर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन से मिली शिकायत में कहा गया है कि मेसर्स सक्सेसपाथ मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों अनुराग शर्मा और हितेश कुमार ने शिकायतकर्ता के बैंक से व्यापार के लिए 2.5 करोड़ रुपये का ऋण और क्रेडिट सुविधा ली हुई है।

अधिकारी ने बताया कि बैंक और ऋण लेने वालों के बीच में ऋण दस्तावेज और समझौता दस्तावेज बना। शाहदरा में स्थित दो संपत्तियों के एवज में बैंक से ऋण लिया गया।

उन्होंने कहा, ऋण लेने वालों ने जब मासिक किश्त नहीं चुकायी तो 29 मार्च, 2018 को उनका खाता एनपीए (जो ऋण डूब गया हो) बन गया।

पुलिस ने बताया कि बैंक ने जब एसएआरएफईएसएचआई कानून के तहत संपत्ति पर अधिकार करने की प्रक्रिया शुरु की तो उसे पता चला कि अन्य बैंकों ने भी गिरवी रखी गई दो संपत्तियों में से एक पर कब्जे के लिए इसी कानून के तहत प्रक्रिया शुरु की है।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने जब दूसरी संपत्ति पर कब्जे के लिए प्रक्रिया शुरु की तो दिनकर बजाज नामक व्यक्ति ने दावा किया कि उसने 2017 में संपत्ति खरीद ली है। हालांकि बैंक के पास यह संपत्ति 2017 से पहले गिरवी रखी गई। बजाज ने यह भी बताया कि इस संपत्ति पर मकान खरीदने के लिए ऋण देने वाली वित्तीय कंपनी का भी कर्ज है।

पुलिस उपायुक्त एमआई हैदर ने कहा, जांच के दौरान आरोपी के बैंक स्टेटमेंट का विश्लेषण करने पर पता चला कि उसने शिकायत करने वाले बैंक, दूसरे बैंक और अन्य लोगों से पांच करोड़ रुपये लिए हैं। आरोपी को 27 जून को गिरफ्तार किया गया।

डीसीपी ने बताया कि शर्मा ई-रिक्शा निर्माण का उद्योग चलाता था और उसने सह-आरोपी हितेष के साथ मिलकर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने की योजना बनायी थी।

उन्होंने बताया कि शर्मा धोखाधड़ी के कई मामलों में संलिप्त रहा है और शाहदरा थाने में दोनों के खिलाफ पहले से दर्ज ऐसे ही एक मामले में उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।

भाषा अर्पणा पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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