(फाइल फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 26 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों खासकर युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत पर चिंता जताते हुए सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने इस खतरे से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए हर व्यक्ति और परिवार की भागीदारी भी जरूरी है।
‘‘नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस’’ पर विजयन ने ट्वीट किया, ‘‘याद रखें कि नशा मुक्त दुनिया बनाने की दिशा में हमारी यात्रा में उपचार, रोकथाम और करुणा महत्वपूर्ण हैं।’’
विजयन ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि मादक पदार्थों की लत के विनाशकारी परिणाम का असर ना केवल लोगों पर व्यक्तिगत रूप से पड़ता है, बल्कि यह परिवारों, पीढ़ियों और समग्र समाज को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘आइए, हम सब मिलकर नशे की जंजीरों को तोड़ें और जरूरतमंदों के लिए उम्मीद बनें।’’
केरल ने हाल ही में राज्य में मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है।
मादक पदार्थों की लत के शिकार हुए 21 साल से कम उम्र के युवाओं के बीच केरल पुलिस द्वारा कुछ महीने पहले किए गए एक सर्वेक्षण में पता चला था कि उनमें से 40 प्रतिशत की उम्र 18 वर्ष से कम थी।
अधिक भयावह बात यह थी कि इनमें अधिकतर लड़कियां शामिल थीं, जिनका बाद में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भी इस्तेमाल किया गया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1987 में 26 जून के दिन को हर साल ‘‘नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस’’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश
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