कोलकाता, 16 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा ने पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान हुईं झड़पों के बारे में राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस की टिप्पणियों को लेकर शुक्रवार को उनके बारे में विवादास्पद टिप्पणी की और कहा कि राज्यपाल को “विपक्षी नेता” की तरह नहीं बल्कि निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए।
बोस शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले के भंगोर पहुंचे जहां बृहस्पतिवार को दो राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान बोस ने कहा कि राजनीतिक हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘कार्रवाई की जाएगी और निष्क्रियता के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा।’’
बोस ने कहा, ‘‘बंगाल के कुछ हिस्सों में अवांछित घटनाएं हुई हैं। किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हमें इसे रोकना होगा।’’
टीएमसी के विधायक ने बोस के बयान पर आक्रोश जताते हुए इसे खारिज कर दिया।
मित्रा ने कहा, “राज्यपाल भगवान की तरह व्यवहार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह भगवान की तरह नहीं दिखते… राज्यपाल को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए वरना हम ऐसी स्थिति से निपटना जानते हैं।”
टीएमसी के राज्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि राज्यपाल को निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “इतने गर्म और उमस भरे दिन में, हमने राज्यपाल को भंगोर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करते देखा। उन्हें निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए और केवल विपक्षी दलों की सूचना के आधार पर कार्य नहीं करना चाहिए। वह हिंसा भड़काने के लिए उकसा रहे हैं।”
भाषा जोहेब प्रशांत
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