मुंबई, चार मई (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले बृहस्पतिवार को दो पैसे की तेजी के साथ 81.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों में डॉलर के कमजोर होने के कारण रुपये में यह तेजी आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने तथा कच्चे तेल की कीमत 75 डॉलर प्रति डॉलर के नीचे आने से भी रुपये को समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 81.68 प्रति डॉलर के भाव पर ऊंचा खुला। कारोबार के अंत में रुपये का आरंभिक लाभ कुछ कम गया और यह अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले दो पैसे की तेजी के साथ 81.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 81.65 के उच्चस्तर तक गया और 81.84 के निचले स्तर तक आया।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 81.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार ने कहा कि सप्ताहांत की लंबी छुट्टी से पहले खरीदारी के बाद रुपये का शुरुआती लाभ घट गया। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार और कमजोर एशियाई मुद्राओं ने रुपये पर दवाब डाला, लेकिन यह अभी भी तीन महीने के उच्च स्तर के करीब है।
फेडरल रिजर्व के नरम संकेत और अमेरिकी बैंकिंग क्षेत्र की चिंता डॉलर की तेजी को हतोत्साहित कर रही है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत घटकर 101.30 रह गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 555.95 अंक की तेजी के साथ 61,749.25 अंक पर बंद हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.98 प्रतिशत की तेजी के साथ 73.04 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे और उन्होंने बृहस्पतिवार को 1,414.73 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद की।
भाषा राजेश राजेश रमण
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