नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) पर्यावरण मंत्रालय ने शुक्रवार को उन नियमों को अधिसूचित किया, जिसके तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में पराली जलाने वाले किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के अधिकारी पहले से ही इन क्षेत्रों में पराली जलाने वाले किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘नए नियम आयोग को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाने और वसूल करने का अधिकार देते हैं।’’
केंद्र ने किसान संगठनों की मांगों के बाद नवंबर 2021 में पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (पराली जलाने के लिए पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना, संग्रह और उपयोग) नियम, 2023 के अनुसार, अर्ध-न्यायिक निकाय दो एकड़ जमीन वाले किसानों पर 2,500 रुपये तक, दो एकड़ से पांच एकड़ तक वाले किसानों पर 5,000 रुपये और पांच एकड़ या उससे अधिक वाले किसानों पर 15,000 रुपये तक जुर्माना लगा सकता है।
भाषा शफीक अर्पणा
अर्पणा
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