जयपुर, 21 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जयपुर में एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या के मामले में राजस्थान की मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं अन्य आला अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
रामप्रसाद मीणा ने एक कथित वीडियो संदेश जारी कर कैबिनेट मंत्री महेश जोशी और अन्य को जिम्मेदार ठहराने के बाद सोमवार को फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। रामप्रसाद ने जयपुर के चंडी की टकसाल इलाके में अपने घर के पास एक गोदाम के कमरे में फांसी लगा ली।
रामप्रसाद मीणा के परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए और उन्होंने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने से मना कर दिया। अगले दिन भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा भी धरने पर बैठ गए जो अब भी जारी है।
शव का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को कराया गया लेकिन परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को राज्य की मुख्य सचिव उषा शर्मा, पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा, जयपुर के पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव, जयपुर के जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित और जयपुर हेरिटेज नगर निगम के आयुक्त विश्राम मीणा को नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों से आरोपों/मामले में की गई कार्रवाई पर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
नोटिस में कहा गया है, ‘आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और मामले की जांच/पूछताछ करने का फैसला किया है।’
नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर आयोग को जवाब नहीं दिया जाता है, तो आयोग दीवानी अदालत की शक्ति का उपयोग कर सकता है और व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए सम्मन जारी कर सकता है।
उधर, मामले में पीड़ित परिजनों का धरना शुक्रवार लगातार 5वें दिन भी जारी रहा।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा,‘‘पोस्टमार्टम कल शाम को मौके पर किया गया था लेकिन परिवार के सदस्यों ने दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है।’’
उल्लेखनीय है कि रामप्रसाद (38) ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई की ओर से जलदाय मंत्री महेश जोशी समेत 5-6 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि मंत्री ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
रामप्रसाद मीणा ने खुदकुशी से पहले एक वीडियो बनाया था जिसमें वह खुदकुशी के लिए मंत्री जोशी एवं अन्य को जिम्मेदार ठहराता नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में रामप्रसाद कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘देवेंद्र शर्मा, ललित शर्मा, होटल रॉयल शेरेटन के मालिक मुंज टांक, देव अवस्थी, लालचंद देवनानी और कैबिनेट मंत्री महेश जोशी ने हमारे परिवार को इतना परेशान किया है कि आज मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं।’
भाषा पृथ्वी नरेश राजकुमार
राजकुमार
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