नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने 318 करोड़ रुपये की ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (जीडीआर) धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) संजय रघुनाथ अग्रवाल को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल की पीठ ने कहा कि प्राथमिकी में कोई अंतिम रिपोर्ट दायर नहीं की गई है और याचिकाकर्ता को लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा।
पीठ ने कहा, “(जमानत के लिए) उपयुक्त शर्तें लागू करते समय प्रवर्तन निदेशालय की इस चिंता को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि याचिकाकर्ता के भागने का डर है और अगर उसे जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह देश से बाहर जा सकता है।”
शीर्ष अदालत ने हैदराबाद स्थित नामपल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा लागू की जाने वाली शर्तों के अनुसार अग्रवाल को जमानत दे दी। न्यायालय ने अग्रवाल को निर्देश दिया कि वह विशेष अदालत के समक्ष अपना पासपोर्ट जमा कराएं और ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने पर नियमित रूप से उसके सामने पेश हों।
भाषा पारुल अजय
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