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Saturday, 25 April, 2026
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आंध्र प्रदेश समाचार-पत्र टकराव : मामला अंतिम निपटारे के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय स्थानांतरित

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नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकायों के स्वयंसेवकों द्वारा समाचार पत्र खरीदे जाने संबंधी एक सरकारी आदेश को लेकर जारी विवाद को ‘न्याय-हित’ में अंतिम निस्तारण के लिए सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय स्थानांतरित कर दिया।

यह विवाद आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित था और इसकी जड़ दो प्रमुख तेलुगु दैनिकों- उषोदय पब्लिकेशंस के मालिकाना हक वाले ‘ईनाडु’ और मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी की कंपनी जगती पब्लिकेशंस के समाचार-पत्र ‘साक्षी’ के बीच संघर्ष में छुपी है।

‘ईनाडु’ ने राज्य सरकार पर ‘साक्षी’ अखबार की बिक्री को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

यह मामला सोमवार को प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। पीठ ने कहा कि विवाद दो राजनीतिक दलों के बीच है।

पीठ ने कहा, ‘‘मामले के गुण-दोषों और संबंधित पक्षों की दलीलों पर विचार किये बिना हमारा सुविचारित मत है कि न्याय के हित में इस मामले को अंतिम निपटारे के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करना उचित होगा।’’

पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में उचित आदेश जारी करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘हम हरेक बिंदु को दिल्ली उच्च न्यायालय के विचारार्थ रखते हैं।’’

जब इस मामले में पेश हो रहे एक वकील ने कहा कि मुकदमे को दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किये जाने का प्रभाव आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की छवि पर पड़ सकता है, इस पर पीठ ने कहा, ‘‘हमारे स्थानांतरण आदेश का आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय पर कोई प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि हमने यह आदेश न्याय के हित में दिया है।’’

पीठ ने मौखिक आदेश दिया कि यह दो समाचार पत्रों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि दो राजनीतिक दलों के बीच का विवाद है।

भाषा सुरेश अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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