नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को सोशल मीडिया कंपनी मेटा से कहा कि वह चाल्ड हेल्पलाइन के साथ तालमेल बनाकर काम करे ताकि आपात परिस्थिति में बच्चों को तत्काल मदद मिल सके।
उन्होंने ‘डिजिटल सुरक्षा शिखर सम्मेलन’ में इस बात पर चिंता जताई कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा असुरक्षित परिस्थितियों में वीडियो बनाया जा रहा है।
मंत्री ने मेटा से कहा कि उसे मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने के लिए ‘निमहंस’ (राष्ट्रीय मानसिक जाँच एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान) जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
ईरानी ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ सामंस्य बनाकर हेल्पलाइन 1098 का संचालन करती है जिसे चाइल्ड हेल्पलाइन कहा जाता है। परंतु इस (मेटा की) हेल्पलाइन और उस हेल्पलाइन में कोई समरूपता नहीं है। कुछ बच्चों को यह लगेगा कि आपकी हेल्पाइन वही है जिस पर खतरे वाली स्थिति में फोन करना है।’’
मेटा बच्चों को मदद मुहैया कराने के मकसद से फिलहाल ‘रति फाउंडेशन‘ के साथ मिलकर काम करती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपात हालात में कोई बच्चा किसी एनजीओ को फोन करता है तो वह संस्था इस स्थिति में नहीं है कि तत्काल मदद प्रदान कर सके।
उनका कहना था कि यह प्रयास होना चाहिए कि बच्चे मुश्किल समय में 1098 पर फोन करें।
भाषा हक हक माधव
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