इंदौर (मध्य प्रदेश), 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय सोया खली का निर्यात मार्च के दौरान चार गुना बढ़कर दो लाख टन पर पहुंच गया। पिछले साल मार्च में देश से 48,000 टन सोया खली का निर्यात गया था।
प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सोपा के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना सरीखे शीर्ष निर्यातकों की सोया खली के दाम कम हुए हैं। इससे आने वाले महीनों में भारतीय सोया खली को निर्यात के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।’’
प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाले उत्पाद को सोया खली कहते हैं। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ पशु आहार तथा मुर्गियों का दाना भी तैयार किया जाता है।
भाषा हर्ष रंजन अजय
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