लखनऊ, 10 अप्रैल (भाषा) बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी गैंगस्टर अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन या उसके परिवार के किसी सदस्य को प्रयागराज से महापौर का टिकट नहीं देगी।
मायावती ने पत्रकार वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘प्रयागराज में पिछले दिनों उमेश पाल की हत्या के मामले में अतीक की पत्नी (शाइस्ता) का नाम आने, या उसके फरार होने से स्थिति बदल गयी है। ऐसी स्थिति में अब हमारी पार्टी न तो अतीक की पत्नी को और न ही उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को महापौर का टिकट देगी।’’
बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘इसके अलावा जहां तक अतीक की पत्नी को पार्टी में रखने या न रखने का सवाल है तो उनके पुलिस की गिरफ्त में आते ही, पार्टी इस पर जल्दी फैसला कर लेगी, तब तक इस मामले को लेकर उनके बारे में जो तथ्य है वह भी उभरकर सामने आ जायेगा । हमारी पार्टी कानून से उपर नही हैं और कानून का पूरा पूरा सम्मान करती हैं ।’
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और पार्टी विधायक उमा शंकर सिंह ने इससे पहले 13 अप्रैल को बलिया में पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘‘शाइस्ता परवीन प्रयागराज की महापौर बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस सीट को खोने जा रही है। भाजपा के गुस्से के पीछे यही (कारण) है।’’
मायावती का यह बयान इसलिए महत्तवपूर्ण है क्योंकि रविवार को प्रयागराज पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड मामले में माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, बेटे अली, एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद साबिर, राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
प्रयागराज पुलिस की ओर से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों की हत्या के संबंध में धूमनगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान अभियुक्त राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला को पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
अभियुक्त राकेश ने पूछताछ में बताया कि उसने शाइस्ता परवीन द्वारा दिए गए बैग को छुपाया था। इस अभियुक्त की निशादेही पर बरामद हुए सामानों में अली अहमद की फोटो लगे दो आधार कार्ड भी थे, जिसमें से एक आधार कार्ड में मोहम्मद साबिर पुत्र मुन्ने सिद्धिकी का नाम है जिसपर अली अहमद पुत्र अतीक की फोटो लगी है, जो कूटरचित प्रतीत होता है।
इस संबंध में शाइस्ता परवीन, अली अहमद, मोहम्मद साबिर, राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला और पांच अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना धूमनगंज में मुकदमा पंजीकृत किया गया है ।
इससे पहले 24 फरवरी को उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने में पाल की पत्नी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद अतीक 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का मुख्य आरोपी है। अतीक, उसके भाई अशरफ और पत्नी पर राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के सिलसिले में मामला दर्ज किया गया था।
शनिवार आठ अप्रैल को पुलिस ने बताया था कि उमेश पाल हत्याकांड मामले में फरार शाइस्ता परवीन पर प्रयागराज पुलिस ने इनाम की राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी है।
पुलिस उपायुक्त (नगर) दीपक भूकर ने बताया था कि शाइस्ता परवीन पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है
इससे पहले, छह अप्रैल को यहां की एमपी/एमएलए अदालत ने उमेश पाल हत्याकांड में नामजद अभियुक्त शाइस्ता परवीन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के अगले दिन 25 फरवरी को उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तहरीर पर धूमनगंज थाना में अतीक अहमद, शाइस्ता परवीन, अशरफ, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और अन्य नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भाषा जफर रंजन
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