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Tuesday, 14 April, 2026
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कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए : प्रधान न्यायाधीश

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गुवाहाटी, सात अप्रैल (भाषा) प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कहा कि कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए और समस्याओं की जड़ को दूर करने के लिए इसका हमेशा संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

गौहाटी उच्च न्यायालय के ‘प्लेटिनम जुबली’ समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि कानून को उन समुदायों की वास्तविकताओं को ध्यान में रखना चाहिए, जिन पर इसे लागू करना होता है।

उन्होंने कहा कि जब कानून की समझदारी से व्याख्या और क्रियान्वयन किया जाता है, तो लोगों का सामाजिक संरचना में विश्वास पैदा होता है और यह न्याय की दिशा में आगे की ओर कदम होता है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए … यह सुनिश्चित करने के लिए मानवीय स्पर्श आवश्यक है कि कानून सभी के हितों को पूरा करे। समानता और विविधता के लिए सहानुभूति और सम्मान होना चाहिए।’’

भाषा सिम्मी प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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