नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती गोस्वामी तुलसीदास की प्रख्यात कृति ‘श्रीरामचरितमानस’ के सरल हिंदी ‘काव्यनुवाद’ का मंगलवार को विमोचन करेंगे। पुस्तक का अनुवाद करने वाले डॉ धीरज भटनागर ने शनिवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी भटनागर ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि ‘श्रीरामचरितमानस’ का हिंदी भाषा में यह “सर्वप्रथम काव्यानुवाद” है।
उन्होंने कहा, “ संस्कृत के प्रकांड पंडित गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के रूप में रामकथा को जन जन तक पहुंचाने के लिए मध्यकाल में उत्तर भारत की जनमानस की भाषा अवधी को चुना, लेकिन आज जनमानस की भाषा खड़ी बोली हिंदी है।”
डॉ भटनागर ने कहा, “ श्रीरामचरितमानस के छिपे हुए सबक को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से मैंने इसका हिंदी में अनुवाद करने का प्रयास किया है। इसमें आम भाषा का उपयोग करने का प्रयास किया है और हिन्दी के अधिक से अधिक शब्दों का उपयोग किया है।’’
उन्होंने कहा कि सुदंरकांड का अनुवाद संगीत रूप में भी किया गया है जिसमें अभिनेता-कॉमेडियन कपिल शर्मा समेत 10 गायक-गायिकाओं ने अपनी आवाज़ दी है।
डॉ भटनागर ने कहा कि काव्यानुवाद के सुंदरकांड को सोशल मीडिया तथा यूट्यूब पर ऑडियो रूप में भी जारी किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस ग्रंथ के हिंदी भाषा में काव्यानुवाद का विमोचन मंगलवार को यहां सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज द्वारा किया जाएगा।
लेखक के मुताबिक, कार्यक्रम की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सरकार करेंगे तथा सूचना और प्रसारण तथा खेल तथा युवा मामले के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, विशिष्ट अतिथि होंगे।
उन्होंने बताया कि जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामराजेश्वराचार्य, महंत रवींद्र पुरी महाराज, स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, दण्डी स्वामी जितेन्द्रनाथ सरस्वती महाराज भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे।
भटनागर ने बताया कि यह पुस्तक ‘बुकस्पेस’ पर उपलब्ध होगी जो देश का पहला ऐसा स्वदेशी मंच है जहां किताबों को खरीदने के साथ-साथ उनपर चर्चा भी का जा सकती है।
भाषा नोमान नोमान माधव
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