नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली राज्य हज समिति की अध्यक्ष कौसर जहां ने शनिवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से मुलाकात की और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) से किराए पर लिए गए अपने परिसर को खाली करने के लिए प्राप्त नोटिस के संबंध में हस्तक्षेप करने की मांग की।
हज समिति पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नियंत्रण है।
बाद में, दिल्ली भाजपा कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कौसर ने पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी के साथ अरविंद केजरीवाल सरकार पर हज समिति को परेशान करने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं के आरोपों पर डीयूएसआईबी या सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
कौसर ने कहा कि डीयूएसआईबी ने समिति को नोटिस भेजकर तुर्कमान गेट स्थित हज मंजिल स्थित उनके परिसर खाली करने के लिए कहा है, जिसमें लाइसेंस शुल्क और ब्याज सहित एक लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि है।
इल्मी ने कहा कि दिल्ली सरकार की एजेंसी का नोटिस शर्मनाक है क्योंकि यह मुसलमानों की तीर्थ यात्रा की देखरेख करने वाली एक धार्मिक संस्था है।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया कि डीयूएसआईबी नोटिस ‘आप’ सरकार द्वारा प्रतिशोध की कार्रवाई है क्योंकि भाजपा नेता कौसर जहां को हज समिति का अध्यक्ष चुना गया था।
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