गुवाहाटी, 31 मार्च (भाषा) असम में 5.80 लाख से अधिक परिवार भूमिहीन हैं और मौजूदा सरकर ने करीब 1.36 लाख परिवारों को भूमि का पट्टा दिया है। यह जानकारी सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में दी।
राजस्व एवं आपदा मंत्री जगन मोहन ने कहा कि सरकार अतिक्रमण की गई जमीन को मुक्त कराने की प्रक्रिया में है जिसे विभिन्न कानूनों और नियमनों के तहत भूमिहीन परिवारों को आवंटित किया जाएगा।
निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई के एक सवाल का जवाब देते हुए मोहन ने बताया कि राज्य में 5,80,709 परिवार भूमिहीन हैं और उन्हें राज्य भूमि नीति -2019 के तहत चरणबद्ध तरीके से भूमि आवंटित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को असम भूमि और राजस्व नियम-1886 के तहत अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है।
मंत्री ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान किसी एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने एक अप्रैल 2021 से अबतक 1,36,140 परिवारों का जमीन का पट्टा आवंटित किया है।
कांग्रेस विधायक अब्दुल बातिन खांडेकर के एक अन्य सवाल के जवाब में मोहन ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक भूमि कटाव की वजह से 432 गांव पूरी तरह से बह गए हैं जबकि अन्य 972 गांव इस अवधि में आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
भाषा धीरज माधव
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