जयपुर, 26 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और ‘राइट टू हेल्थ विधेयक’ के विरोध में हड़ताल कर रहे चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को सचिवालय में आयोजित वार्ता विफल हो गई।
सचिवालय में रविवार दोपहर मुख्य सचिव उषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव टी. रविकांत और जयपुर के कलेक्टर की मौजूदगी में चिकित्सक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत हुई। बैठक में चिकित्सक प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘‘हमें राइट टू हेल्थ बिल मंजूर नहीं है। बिल वापस लीजिए।’’
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार रात को स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा, मुख्य सचिव उषा शर्मा सहित वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक कर चिकित्सकों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘राइट टू हेल्थ’ में चिकित्सकों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। चिकित्सकों का हड़ताल पर जाना उचित नहीं है। पक्ष-विपक्ष ने सर्वसम्मति से यह बिल पास किया है।’’
वार्ता के बाद संवाददाताओं से बातचीत में निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम सोसाइटी के सचिव विजय कपूर ने कहा, ‘‘वार्ता के दौरान हमने अधिकारियों से कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है और इसे वापस लेने के बाद ही इसकी त्रुटियों के बारे में बातचीत की जायेगी।’’
उन्होंने बताया कि सोमवार को ‘राइट टू हेल्थ बिल’ के विरोध में जयपुर में एक विशाल रैली का आयोजन किया जायेगा जिसमें हमारे परिजन और मेडिकल फर्टिनटी (स्वास्थ्य क्षेत्र) से जुड़े सभी लोग शामिल होंगे।
कपूर ने बताया कि चिकित्सकों का 10 सदस्यीय शिष्टमंडल जिसमें डॉक्टर राजशेखर यादव, डॉक्टर वीरेन्द्र अग्रवाल, सुनील, डॉक्टर नीरज डामोर, डॉक्टर चित्रेश, डॉक्टर अर्चना, डॉक्टर रामदेव और डॉक्टर राकेश कालरा शामिल थे, ने सरकार के साथ वार्ता में शामिल हुए और वहां सभी ने समवेत स्वर में कहा, ‘‘हम यह बिल नहीं चाहते हैं… राइट टू हेल्थ बिल के लिये हमारी मनाही है। यह बिल यहां पर आवश्यक नहीं है.. बेवजह लाया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों एक ही बात बार-बार दोहराई.. यह बिल वापस होना चाहिए और यह राजस्थान में लागू नहीं होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने हमसे विधेयक की कमियों के बारे में पूछा लेकिन हमने सबने एक ही बात कही कि बिल लौटना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रूख बिल्कुल स्पष्ट है कि इस विधेयक को हर हाल में सरकार को वापस लेना पड़ेगा और यदि सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो… आंदोलन और तेज किया जायेगा।’’
कपूर ने कहा,‘‘सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने हमसे विधेयक के हर बिन्दु पर बात करने और उसका संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का आश्वासन दिया। लेकिन हमने उनसे कहा पहले इस विधेयक को वापस लीजिये या लिखित में आश्वासन दे कि यह विधेयक नहीं आयेगा। जब तक ऐसा नहीं होता है, ना तो यह आंदोलन रूकेगा और ना हीं आगे वार्ता होगी।’’
इस बीच रविवार को जयपुर में चिकित्सकों ने जवाहर सर्किल तक कार रैली निकाली।
इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को फिर से हड़ताली चिकित्सकों से अपील की है कि ‘‘हड़ताल करना मानवीय दृष्टिकोण से जनहित में नहीं है।’’
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रविवार शाम दिल्ली से जयपुर पहुँच रहे हैं और आते इस इस मुद्दे पर बैठक करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, ‘‘गहलोत ने शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर बैठक की थी और आज भी उन्होंने डॉक्टर से अपील की है कि हड़ताल करना मानवीय दृष्टिकोण से जनहित में नहीं है।’’
भाषा कुंज दिलीप अर्पणा
अर्पणा
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