तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च (भाषा) केरल सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य पर आधारित एक कानून पारित किया, जिसे पूरी तरह से मलयालम में स्त्रीलिंग सर्वनामों का उपयोग करते हुए लिखा गया है।
देश में संभवत: यह अपनी तरह का पहला मामला है।
‘जन स्वास्थ्य कानून, 2023’ शीर्षक वाला कानून जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संगठनों की राय लेने के बाद बनाया गया है।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘यह पहला विधेयक है, जिसमें पूरी तरह से स्त्रीलिंग सर्वनामों का इस्तेमाल किया गया है। देश के सभी कानूनों में अब तक हमेशा पुरुष सर्वनामों का ही प्रयोग होता रहा है।’’
विज्ञप्ति में कहा गया कि नए वायरस, रोगजनकों, संक्रामक रोगों और महामारियों के साथ-साथ जीवन शैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विधेयक को पारित किया गया।
भाषा
शफीक दिलीप
दिलीप
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