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Thursday, 26 February, 2026
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श्रीलंका में कर सुधार के खिलाफ श्रमिक संगठनों की हड़ताल से संकट

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कोलंबो, 13 मार्च (भाषा) श्रीलंका सरकार के कर सुधारों के खिलाफ सोमवार को श्रमिक संगठनों ने हड़ताल शुरू कर दी। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 2.9 अरब डॉलर के राहत पैकेज लेने के लिए कर सुधारों को आगे बढ़ाया है।

कर्ज में दबे श्रीलंका ने आईएमएफ द्वारा बताए गए कर सुधारों के तौर पर कर और जन उपयोगी सेवाओं की दर बढ़ाने जैसे कदम उठाए हैं। इससे जनता पर बोझ बढ़ेगा। श्रीलंका को आईएमएफ से 2.9 अरब डॉलर के राहत पैकेज की बहुत जरूरत है।

चिकित्सकों के संगठन ने कहा कि उसने सोमवार को नौ में से चार प्रांतों में एक दिवसीय हड़ताल शुरू की है।

संघ के प्रवक्ता डॉ. चमिल विजसिंघे ने कहा, “डॉक्टर कल सुबह आठ बजे तक हड़ताल पर रहेंगे। हम अस्पतालों में सिर्फ आपातकालीन सेवाएं जारी रखेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार नई कर नीति वापस ले।”

विश्वविद्यालय शिक्षकों के संगठन के प्रवक्ता श्यामन बन्नेहेका ने कहा कि औद्योगिकी कार्रवाई नौ मार्च को ही शुरू हो गई थी। तबसे कर्मियों ने काम करने से दूरी बनाई हुई है।

बन्नेहेका ने कहा, “हम संयुक्त कार्रवाई के लिए बुधवार (15 मार्च) से अन्य श्रमिक संगठनों (के आंदोलन) से जुड़ेंगे। यह तबतक जारी रहेगा, जबतक सरकार नई कर नीति वापस नहीं ले लेती।”

बंदरगाह कर्मचारियों और जल क्षेत्र के कर्मचारियों के संठनों ने भी नई कर नीति का विरोध किया है।

नकदी संकट से जूझ रहा देश आईएमएफ से 20 मार्च को 2.9 अरब डॉलर के राहत पैकेज की औपचारिक मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे ने कहा कि अभी तक के सबसे मुश्किल आर्थिक संकट के बीच जनता को कुछ समय के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

भाषा अनुराग रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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