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Thursday, 26 March, 2026
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मुख्यमंत्री से मिले संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी से पीड़ित

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जयपुर, पांच मार्च (भाषा) संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा ठगी के शिकार हुए लोगों ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की।

राज्य के विभिन्न जिलों से आए पीड़ितों ने अपने करोड़ों रुपए निवेश की ठगी, बिगड़ते पारिवारिक और सामाजिक हालातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बार-बार जोधपुर से सांसद और केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाते रहे हैं, जिसे मंत्री ने खारिज कर दिया था।

केन्द्रीय मंत्री ने कल दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराकर मुख्यमंत्री गहलोत पर संजीवनी घोटाले में उनकी नाम घसीटकर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया।

घोटाले से पीड़ित लोगों ने आज जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अपना दर्द बयां किया।

सरकारी बयान के अनुसार, ‘‘पीड़ितों ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोसायटी के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के साथ उन्हें निवेश करने के लिए भरोसे में लिया था।’’

बयान के अनुसार, एक पीड़ित शकुंतला शर्मा ने बताया, ‘‘एजेंटों और मंत्री के मिलने वालों ने हमें कहा था कि सोसायटी मंत्री जी के हाथ में है। आपकी राशि सुरक्षित है। मैंने 25 लाख रुपए निवेश किए थे।’’

एक अन्य पीड़ित उषा ने बताया, ‘‘मैं अपने और घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली महिलाओं के लगभग 20 लाख रुपए जमा कराए थे। अब वे महिलाएं रोजाना पैसे वापस दिलाने के लिए कहती है। ऐसे में मेरा बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।’’

मालपुरा निवासी विष्णु ने बताया कि उन्होंने अपना और रिश्तेदारों का करीब पांच लाख रुपया निवेश किया था, लेकिन अब पैसे नहीं मिलने से परिवार और रिश्तों में दरारें पड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने पीड़ितों की बात सुनकर न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है।

गहलोत ने कहा, ‘‘आपकी पीड़ा सुनकर दुःखी हूं। राज्य सरकार स्तर पर यदि कानून में बदलाव करना होगा तो किया जाएगा। संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने हजारों लोगों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई का गबन किया है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी कि मेहनतकश लोगों की जमा पूंजी वापस दिलाई जाए। मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की है कि निवेश के दौरान समझदारी से फैसला करें। स्कीम के झांसे में नहीं आएं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विशेषज्ञों से रायशुमारी कर निवेश करना ही ठगी से बचने का उपाय है।’’

भाषा कुंज अर्पणा

अर्पणा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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