मुंबई, तीन मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आशीष शेलार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लता मंगेशकर संगीत महाविद्यालय की मंजूरी इसलिए रद्द कर दी क्योंकि उनके (लता के) परिवार ने महान गायिका की याद में स्थापित सम्मान से पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किया था।
विधानसभा में पूरक मांगों पर शेलार ने कहा कि लता मंगेशकर के निधन (फरवरी 2022 में) के बाद तत्कालीन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने महाराष्ट्र में उनके नाम पर एक “संगीत विद्यालय” (संगीत महाविद्यालय) खोलने की घोषणा की थी।
भाजपा विधायक ने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के साथ एक फाइल तत्कालीन मुख्यमंत्री (ठाकरे) के पास मंजूरी के लिए भेजी गई थी। लेकिन, उसी दौरान मंगेशकर परिवार ने दिवंगत लता मंगेशकर की याद में पहला सम्मान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि मोदी को सम्मान दिया गया और मुख्यमंत्री को समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया, इसलिए “मतलबी” मुख्यमंत्री ने इस “विद्यालय” के लिए दी गई अनुमति को रद्द कर दिया।
शेलार ने कहा, “सरकार बदलने और एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद, इस “संगीत विद्यालय” के लिए एक बार फिर अनुमति दी गई।”
भाषा जितेंद्र प्रशांत
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