(दीपक रंजन)
नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के दबाव और आम लोगों के मुख्यधारा में लौटने के कारण आतंकवादी ‘लक्षित हत्याओं’ को अंजाम दे रहे हैं और यह दावा किया कि वहां जब भी बदलाव होते हैं तब ऐसी घटनाएं होती हैं।
जितेन्द्र सिंह ने ‘पीटीआई भाषा’ से साक्षात्कार में कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कहीं पर भी हो और इससे प्रभावित लोग किसी भी धर्म या विचारधारा के हों.. ‘‘यह दुखद है।’’
उधमपुर से सांसद एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पलायन से घाटी को नुकसान हुआ, यह बात भी लोगों के समझ में आने लगी है।
सिंह ने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय, जो लक्षित हत्याओं के शिकार हुए हैं, ने यह कभी नहीं कहा कि ‘‘हम (घाटी में) वापस नहीं लौटेंगे या वापस नहीं लौट सकते।’’ उन्होंने (कश्मीरी पंडितों ने) केवल यह कहा कि उन्हें बस सुविधाएं दी जाएं, व्यवस्था बनायी जाएं। ‘‘बस इतना ही विषय था।’’
उन्होंने कहा कि अब जो ‘‘साफ्ट किलिंग’’ या निशाना बनाकर हमला करने की घटनाएं हुई हैं, यह भी एक प्रकार का संकेत है कि आतंकी भाग रहे हैं, उन पर बहुत अधिक दबाव है।
सिंह ने कहा कि अब वह जमाना नहीं रहा जब कश्मीर घाटी में बाजार बंद हो जाते थे, पत्थरबाजी होती थी, बच्चों के खाद्य पदार्थों की किल्लत हो जाती थी। उन्होंने कहा, ‘‘ आज आतंकी भाग रहे हैं और उन पर (सुरक्षा बलों का) बहुत अधिक दबाव है।’’
कश्मीर घाटी की वर्तमान स्थिति के संदर्भ में जितेन्द्र सिंह ने कहा, ‘‘यह लोगों के मुख्यधारा में लौटने का प्रतीक है । जब लोग मुख्यधारा में लौटते हैं तब बीच बीच में ऐसी घटनाएं होती रही हैं।’’
सिंह से पिछले महीनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा प्रवासी मजदूरों, कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याओं की घटनाओं के बारे में पूछा गया था।
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि इसका उत्तर उनके लिए देना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ चुनाव किस समय पर होगा, कितने चरणों में होगा, कितने समय में होगा..यह निर्वाचन आयोग के दायरे का विषय है।’’
उन्होंने कहा कि जहां तक एक पार्टी के रूप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बात है, वह चाहे नगर निकाय चुनाव हो, प्रदेश चुनाव हो या लोकसभा चुनाव हो.. ‘‘हम उसके लिए तैयार रहते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि चुनाव की स्थिति में जम्मू कश्मीर में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी या गठबंधन में लड़ेगी, सिंह ने कहा कि इसका फैसला चुनाव के समय में हो जायेगा और अभी तक (पार्टी की) मजबूत स्थिति में हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू कश्मीर में बांट दिया था। नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), कांग्रेस सहित अनेक विपक्षी दल जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
भाषा दीपक
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अर्पणा
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