मेदिनीनगर, 20 फरवरी (भाषा) झारखंड के पलामू जिले के पांकी प्रखण्ड मुख्यालय में सांप्रदायिक हिंसा के पांच दिनों बाद कम होते तनाव के बीच धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा में छूट दी गयी है, और आज बाजार खोले जाने की अनुमति दे दी गयी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
इस बारे में पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘बुधवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से लागू निषेधाज्ञा को शिथिल करते हुए जन जरूरतों के मद्देनजर बाजार खोलने की अनुमति शांति समिति के निर्णय के आलोक में दी गयी है, लेकिन पुलिस बलों की तैनाती बनी रहेगी।’’
पांकी में कल हुई शांति समिति की बैठक के बाद यह अनुमति दी गयी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में निषेधाज्ञा तब तक लागू रहेगी, जब तक प्रशासन को अहसास न हो जाए कि स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गयी है।
सिन्हा ने बताया कि पांकी में एक हजार पुलिसकर्मी प्रतिनियुक्त हैं और नामजद अभियुक्तों को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के अभियान चलाए जा रहे हैं और अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पांकी में पिछले बुधवार की सुबह उस वक्त दो समुदायों के बीच संघर्ष शुरू हो गये थे जब महाशिवरात्रि के अवसर पर लगाए गए ‘स्वागत द्वार’ एक समुदाय विशेष के शरारती तत्वों द्वारा ध्वस्त कर दिये गये थे। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मियों समेत आधे दर्जन से अधिक लोग चोटिल हुए थे ।
घायलों में दो पुलिसकर्मियों की स्थिति गंभीर है जिन्हें राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रांची)में इलाज किया जा रहा है। अब दोनों खतरे से बाहर हैं ।
इस तनाव की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो अधिकारियों को पांकी में स्थिति संभालने के लिए प्रतिनियुक्त करना पड़ा था ।
भाषा सं इन्दु रंजन
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