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Tuesday, 24 February, 2026
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पांच साल में दो लाख प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के गठन को मंत्रिमंडल की मंजूरी

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नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगले पांच साल में दो लाख प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) एवं डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियां गठित करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी। फिलहाल देशभर में करीब 63,000 पैक्स समितियां सक्रिय हैं।

ठाकुर ने कहा कि सरकार देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने के लिए जमीनी स्तर पर सहकारी समितियों का गठन करना चाहती है। अगले पांच वर्षों में करीब दो लाख सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरान प्रत्येक पंचायत में एक पैक्स समिति बनाने के साथ व्यवहार्य होने पर वहां एक डेयरी सहकारी समिति बनाने और हरेक तटीय पंचायत एवं विशाल जलाशय वाली पंचायत में मत्स्यपालन समिति बनाने की भी योजना है।

ठाकुर ने कहा कि इस प्रस्ताव को विभिन्न सरकारी योजनाओं के मेलमिलाप के साथ लागू किया जाएगा। यह प्रस्ताव सहकारी समितियों को अपने उद्देश्य के लिए जरूरी ढांचा खड़ा करने और उसे आधुनिक रूप देने के लिए भी सशक्त करेगा।

यह योजना सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को खरीद एवं विपणन की सुविधाएं मुहैया कराएगी जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गत वर्ष जून में पैक्स समितियों को सक्षम बनाने के लिए उनके कंप्यूटरीकरण का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। इससे उनके कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आने की भी उम्मीद जताई गई थी।

देशभर में सक्रिय करीब 63,000 पैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए 2,516 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 1,528 करोड़ रुपये की है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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