तिरुवनंतपुरम, चार फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने शनिवार को यहां कहा कि भारत के गौरव का प्रतिनिधित्व किसी एक व्यक्ति की संपत्ति से नहीं होना चाहिए और सेबी जैसे प्राधिकारों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे आर्थिक क्षेत्र में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।
वह परोक्ष रूप से गौतम अडाणी मामले का जिक्र कर रही थीं जिसने देश के शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है।
मातृभूमि इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ लेटर्स (एमबीआईएफएल 2023) में टीएमसी सांसद ने कहा कि वह 2019 से कुछ विशेष व्यावसायिक घरानों के उभार के बारे में चिंता जताती रही हैं, लेकिन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) जवाब देने में विफल रहा।
पश्चिम बंगाल से सांसद ने कहा, ‘‘जब अमेरिका के ‘शॉर्ट सेलर’ हिंडनबर्ग ने सेबी से पूछा कि उन्होंने मेरे सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने कहा कि वे जवाब देने के लिए अभी तक किसी तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। यह 2019 में मेरे सवालों से संबंधित था।’’
इससे पहले ‘‘पावर पॉलिटिक्स में महिलाएं’’ मुद्दे को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह सुनिश्चित करने के लिए एक कानून की आवश्यकता है कि 50 प्रतिशत आबादी वाली महिलाओं को आनुपातिक प्रतिनिधित्व मिले।
भाषा आशीष देवेंद्र
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