नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) ओलंपिक और विश्व चैम्पियन विक्टर एक्सेलसेन को लगता है कि खेल की संचालन संस्था (बीडब्ल्यूएफ) को खिलाड़ियों की फिटनेस ध्यान में रखकर ही अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तैयार करना चाहिए क्योंकि यह इस समय काफी कठिन है।
डेनमार्क के दुनिया के नंबर खिलाड़ी को रविवार को यहां इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्ण से हार का सामना करना पड़ा जिससे वह उप विजेता रहे।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अपने शरीर को शीर्ष स्तर पर बनाये रखने लिये सर्वश्रेष्ठ तरीके से आराम करने और तैयारी करने की कोशिश करता हूं। लेकिन यह आसान नहीं है, विशेषकर टूर्नामेंट के बीच में यात्रा के साथ यह वास्तव में बहुत मुश्किल होता है। ’’
एक्सेलसेन ने कहा, ‘‘साथ ही आप खिलाड़ियों को हफ्ते दर हफ्ते शानदार प्रदर्शन करते रहने की उम्मीद नहीं कर सकते। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘विश्व टूर में अब काफी टूर्नामेंट होते हैं और खिलाड़ियों का स्वास्थ्य निश्चित रूप से ऐसी चीज है जिसे प्रत्येक खिलाड़ी को ध्यान देना पड़ता है क्योंकि आप हर टूर्नामेंट में नहीं खेल सके और पूरे साल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। ’’
एक्सेलसेन ने 2022 में आठ खिताब जीते जिसमें विश्व चैम्पियनशिप, आल इंग्लैंड और विश्व टूर फाइनल्स भी शामिल हैं। उन्होंने कुआलालम्पुर में मलेशिया सुपर 1000 में खिताब जीतकर साल की शुरूआत की।
यह पूछने पर कि क्या विश्व टूर टूर्नामेंट के बीच ब्रेक की जरूरत है तो उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से इतने सारे टूर्नामेंट होना बैडमिंटन के लिये अच्छा है लेकिन हमें खिलाड़ियों के स्वास्थ्य का भी याद रखना चाहिए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘पांच-छह घंटे की फ्लाइट, मलेशिया से भारत आना और फिर उसी ‘टाइम जोन’ में वापस जाना। जब आप स्वास्थ्य को देखते हो तो यह अच्छा नहीं है और उम्मीद करत हैं कि हम बेहतर कर सकते हैं। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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