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Saturday, 18 April, 2026
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केरल में एमएसएमई के दम पर उद्योग क्षेत्र में निवेश बढ़ाः मंत्री

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(टी जी बीजू)

(तस्वीर के साथ)

तिरुवनंतपुरम, 21 जनवरी (भाषा) केरल के उद्योग मंत्री पी राजीव ने कहा कि राज्य में चालू वित्त वर्ष में एक लाख से अधिक नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों (एमएसएमई) के खुलने से औद्योगिक क्षेत्र में निवेश में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है, जिससे हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं।

राजीव ने केरल को निवेश के अनुकूल गंतव्य बताते हुए दावा किया कि राज्य सरकार की ‘उद्यमों का वर्ष’ पहल के हिस्से के रूप में चालू वित्त वर्ष में अब तक केरल में 1.24 लाख से अधिक नए एमएसएमई स्थापित किए गए हैं, जिसने लगभग 8,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है।

राजीव ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि एमएसएमई इकाइयों की यह संख्या उद्योग विभाग की ‘उद्यम वर्ष’ पहल के हिस्से के रूप में निर्धारित लक्ष्य से काफी ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि केरल की वामपंथी सरकार इस धारणा को बदलकर इतने बड़े पैमाने पर निवेश लाने में सक्षम रही कि राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए माहौल अनुकूल नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हम अपने कार्यों से निवेशकों में भरोसा कायम कर सकते हैं। हमने नीतियों को कारगर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘उद्यम वर्ष’ के तहत वित्त वर्ष 2022-23 में उद्योग निदेशालय को एक लाख एमएसएमई इकाइयों की स्थापना का काम सौंपा था।

राजीव ने कहा, ‘‘हमें शानदार प्रतिक्रिया मिली है। हमने 245 दिनों के भीतर ही एक लाख एमएसएमई का लक्ष्य हासिल कर लिया है। वित्त वर्ष के अंत तक इसके 1.50 लाख के आंकड़े को पार कर जाने की उम्मीद है।’’

उन्होंने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक एमएसएमई क्षेत्र में 2.60 लाख से अधिक रोजगार अवसर पैदा हुए हैं और इस क्षेत्र में आए नए उद्यमियों में 35 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए केरल के उद्योग विभाग के इस नए मॉडल को हाल ही में आयोजित मुख्य सचिवों के एक सम्मेलन में भी स्वीकार किया गया था।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की रक्षा करना है, जबकि केंद्र ‘विनिवेश नीति’ को लेकर उत्सुक है। उन्होंने घाटे में चल रही केंद्र संचालित पूर्ववर्ती हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट लिमिटेड (एचएनएल) के केरल सरकार द्वारा अधिग्रहण का जिक्र करते हुए कहा कि इस कागज कंपनी का वार्षिक कारोबार 3000 करोड़ रुपये से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है।

कंपनी ने अखबारी कागज और अन्य कागज उत्पादों का निर्माण शुरू कर दिया है और इस साल मार्च में इसके ‘न लाभ न हानि’ की स्थिति तक पहुंचने की उम्मीद है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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