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Wednesday, 28 January, 2026
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असम की संरक्षणवादी को संरा का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान

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गुवाहाटी, 23 नवंबर (भाषा) असम की प्रमुख संरक्षणवादी पूर्णिमा देवी बर्मन को 2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘‘चैंपियन्स ऑफ द अर्थ’’ से सम्मानित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने मंगलवार को घोषणा की कि एक वन्यजीव जीवविज्ञानी बर्मन के साथ साथ विभिन्न देशों की चार अन्य हस्तियों को पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण रोकने, इसके लिए उपाय करने और इसे सामान्य बनाने की उनकी परिवर्तनकारी कार्रवाई के लिए यह सम्मान दिया गा।

‘‘ग्रीन ऑस्कर’’ विजेता बर्मन ने ‘‘ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क’’ पक्षी को विलुप्त होने से बचाने के लिए ‘‘हरगिला सेना’’ नामक एक संरक्षणवादी समूह बनाया जो करीब दो दशकों से इस पक्षी के संरक्षण के लिए प्रयास कर रहा है। इस पक्षी को असम में हरगिला कहा जाता है।

‘‘चैंपियन्स ऑफ द अर्थ’’ पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में दिया जाता है। बर्मन को यह ‘‘हरगिला सेना’’ का नेतृत्व करने के लिए ‘‘एंटरप्रेन्योरियल विजन’’ श्रेणी के तहत दिया गया है।

‘‘हरगिला सेना’’ समूह की महिलाएं पक्षी के चित्रों वाले वस्त्र बनाती और बेचती हैं, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता मिलती है और साथ ही पक्षी की प्रजाति के बारे में जागरूकता भी फैलती है।

पूर्णिमा देवी बर्मन ने इस उपलब्धि पर पीटीआई-भाषा से कहा ‘‘सम्मान बहुत बड़ा है और मेरे लिए एक सपना सच हो गया है। मैं यह पुरस्कार धरती माता और धरती की सभी माताओं को समर्पित करती हूं क्योंकि सबसे अच्छी शिक्षा घर में मां की गोद में शुरू होती है।’’

उन्होंने कहा ‘‘रास्ते में कई चुनौतियां आती हैं लेकिन हमने एक सामुदायिक आंदोलन शुरू किया जिसे हम लोगों की मदद से आगे ले जाएंगे।’’

भाषा

मनीषा माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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